अब झांसी में छह नहीं 10 लगेंगे ऑक्सीजन प्लांट
झांसी। कोरोना महामारी की संभावित तीसरी लहर से मुकाबले के लिए प्रदेश सरकार ने कमर कस ली है। अब झांसी में छह नहीं, बल्कि 10 ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाएंगे। इसके लिए सरकार की तरफ से मंजूरी दी जा चुकी है। ये प्लांट शुरू होने के बाद झांसी में ऑक्सीजन की किल्लत नहीं होगी। सभी प्लांटों को मिलाकर लगभग 115 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की रोज उपलब्धता रहेगी।
कोरोना की दूसरी लहर में मरीजों की संख्या में तेजी से उछाल आने के बाद ऑक्सीजन की किल्लत हो गई थी। हालांकि, केंद्र और प्रदेश सरकार ने तेजी से प्रयास करते हुए ऑक्सीजन एक्सप्रेस चलाकर तीन-चार दिनों में ही काफी हद तक समस्या का समाधान कर दिया। अब विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई है। यह भी कहा जा रहा है कि ये लहर बच्चों के लिए खतरनाक हो सकती है। ऐसे में सरकार स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने पर काफी जोर दे रही है।
इसी क्रम में झांसी में पहले छह ऑक्सीजन प्लांट लगाने को मंजूरी दी गई थी। औषधि निरीक्षक उमेश भारती ने बताया कि अब झांसी में दस प्लांट को मंजूरी मिल गई है। वहीं, एसीएमओ डॉ. एनके जैन ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रानीपुर, सीएचसी समथर, सीएचसी बड़ागांव, सीएचसी बरुआसागर, सीएचसी गरौठा, जिला अस्पताल, मिलट्री हॉस्पिटल, मेडिकल कॉलेज, रेलवे हॉस्पिटल, कैंट अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगेंगे। मेडिकल कॉलेज में रोजाना 20, जिला अस्पताल में 15 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की उपलब्धता रहेगी, जबकि अन्य आठों स्वास्थ्य इकाइयों में 10-10 मीट्रिक टन ऑक्सीजन रहेगी। यानी कुल मिलाकर 115 मीट्रिक टन प्रतिदिन उपलब्ध होगी।
स्वास्थ्य इकाई बेड प्लांट क्षमता
सीएचसी रानीपुर 75 500
सीएचसी बड़ागांव 75 500
सीएचसी बरुआसागर 75 500
सीएचसी गरौठा 75 500
सीएचसी समथर 75 500
रेलवे अस्पताल 100 500
कैंट अस्पताल 100 500
मिलेट्री हॉस्पिटल 150 500
जिला अस्पताल 100 850
मेडिकल कॉलेज 100 1000
(नोट: प्लांट क्षमता लीटर प्रति मिनट में)