झांसी। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के दौरान घर से स्कूल और कोचिंग जाने के लिए करीब 10 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। 12वीं में जब मुझे छात्रवृत्ति मिली तो सबसे पहले साइकिल खरीदी। ताकि, पैदल आने-जाने में जो समय बीतता था, उसका उपयोग पढ़ाई में हो सके। छात्रों के जीवन में छात्रवृत्ति की उपयोगिता बताते हुए ये बात बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने कही।
बीयू कुलपति ने कहा कि छात्रों की जरूरतों को पूरा करने में स्कॉलरशिप का बहुत अहम योगदान होता है। बताया कि उनके पिता राधेश्याम पांडेय कृषि विभाग में अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं मगर उनका हमेशा इस बात पर जोर रहता था कि मैं अपने पैरों पर खड़ा होकर खुद की जरूरतों को पूरा करूं। इन जरूरतों को पूरा करने में स्कॉलरशिप ने बहुत मदद की। साथ ही आत्मविश्वास भी बढ़ गया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से दी जाने वाली अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति पाकर सैकड़ों छात्र-छात्राओं को पढ़ाई में बहुत मदद मिली है।
अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा-2022 में आवेदन के लिए अंतिम मौका आज
झांसी। अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा संचालित अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा-2022 के लिए आवेदन करने के लिए छात्र-छात्राओं के पास आज अंतिम मौका है। 9वीं से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
विद्यार्थी फाउंडेशन की वेबसाइट https://foundation.amarujala.com या अमर उजाला की वेबसाइट www.amarujala.com पर या फिर https://www.amarujala.com/atul-maheshwari-chhatravritti-2022 पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं। फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारियां देना अनिवार्य है। इस वर्ष अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा में नवीं और दसवीं प्रादेशिक बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए 30-30 हजार की 18 छात्रवृत्तियां हैं। इसके अलावा 11वीं व 12वीं के छात्र-छात्राओं के लिए 50-50 हजार रुपये की 18 स्कॉलरशिप हैं। इसके साथ ही दो दृष्टिहीन विद्यार्थियों को विशेष छात्रवृत्ति दी जाएगी। परीक्षा में उन्हें अपने से एक कक्षा नीचे पढ़ने वाले छात्र को बतौर सहायक लाने की स्वीकृति दी जाएगी।
परीक्षा में शामिल होने के लिए ये हैं शर्तें
- प्रादेशिक शिक्षा बोर्ड में 9वीं से 12वीं कक्षा में पढ़ते हों।
- पिछली वार्षिक परीक्षा में न्यूनतम 60 फीसदी अंक आए हों।
- वार्षिक पारिवारिक आय डेढ़ लाख रुपये से कम हो।