झांसी। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश देने के लिए चल रही आवेदन प्रक्रिया में शासन ने बदलाव कर दिया है। दूसरे चरण के लिए चल रही आवेदन प्रक्रिया में अब अभिभावक 10 जून तक आवेदन कर सकेंगे। इसके चलते अधिक बच्चों को आवेदन करने का मौका मिल सकेगा।
महानगर के निजी स्कूलों में महंगी फ ीस और अन्य सुविधाओं के चलते गरीब बच्चों को यहां दाखिला नहीं मिल पाता है। सरकार ने निजी स्कूलों में गरीब बच्चों को शिक्षा हासिल कराने के लिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत व्यवस्था की है। जिसके तहत निजी स्कूलों को 25 फ ीसदी सीटों को गरीब बच्चों के लिए रखना पड़ता है। पहले चरण की आवेदन प्रक्रिया में जिले में 832 बच्चों का लॉटरी के जरिए चयन कर आवंटन पत्र वितरित कर दिए गए। इसके साथ ही दूसरे चरण की आवेदन प्रक्रिया छह अप्रैल से शुरू कर दी गई। जिसमें जिसमें 23 अप्रैल तक आवेदन किया जा सकता था। विभाग को पांच मई तक प्रक्रिया कर बच्चों को प्रवेश दिलवाना था। कोरोना संक्रमण के चलते साइबर कैफे और अन्य सीएससी और जनसेवा केंद्र बंद होने के चलते शासन ने आवेदन की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 10 जून कर दिया है। इसे लेकर महानिदेशक स्कूली शिक्षा विजय किरन आनंद ने बीएसए को निर्देश भेजे हैं। बीएसए आवेदनों को सत्यापन कर 13 जून तक लॉक करेंगे और 15 जून को लॉटरी निकलेगी। आवेदन तिथि बढ़ने के बाद अधिकतम बच्चों को प्रवेश मिल सक ेगा। बीएसए हरिवंश कुमार ने बताया कि आरटीई के आवेदन की अंतिम तिथि को 10 जून तक कर दिया गया है। अभिभावक इसमें आवेदन कर सकते हैं।