झांसी। प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान निर्माण के दौरान गलत जियो टैगिग पर झांसी, बड़ागांव, एरच तथा गरौठा में अरिनेम कंपनी के दस इंजीनियरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थी को सरकार की ओर से ढाई लाख का भुगतान किया जाता है। पहली किस्त के रूप में पचास हजार, दूसरी किस्त डेढ़ लाख तथा तीसरी व अंतिम किस्त पचास हजार रुपये लाभार्थी के खाते में भेजी जाती है। मकान निर्माण के शुरूआत से लेकर पूरा होने तक पांच बार जियो टैंगिंग की जाती है। जांच के दौरान झांसी, गरौठा, बड़ागांव तथा एरच में 10 ऐसे लाभार्थी पाए गए, जिनकी गलत तरीके से जिया टैंगिंग की गई थी। मामला पकड़ में आते ही 10 इंजीनियरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के परियोजना प्रबंधक राजीव शुक्ला ने बताया कि गलत तरीके से जियो टैगिंग करने पर कंपनी के 10 इंजीनियरों पर एफआईआर दर्ज कराई गई है।