क्षेत्र के गांव मैलवारा और टकटोली में दस गोवंशों की मौत हो गई। ग्रामीणों को खेतों में गोवंश के शव पड़े मिले। सूचना मिलने पर एसडीएम और तहसीलदार समेत तमाम फोर्स मौके पर पहुंच गया। प्रशासन ने गोवंशों का पोस्टमार्टम कराकर शव को दफना दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि जहर देकर गोवंशों को मारा गया है।
मऊरानीपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव मैलवारा, टकटौली मौजे के खेतों के किनारे गुरुवार सुबह गोवंश मृत मिले। ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन को सूचना दी। मौके पर पहुंचे एसडीएम और सीओ को चार गाय और सात बछड़ों के शव मिले। गोवंश की मौत की सूचना पर मौके पर बजरंग दल, विहिप और श्रीराम सेना के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। उन्होंने गोवंशों की मौत को लेकर आक्रोश जताया। वहीं प्रशासन ने गोवंश का पोस्टमार्टम कराकर जेसीबी मशीन से गड्ढा खुदवाकर जमीन में दफ न करा दिया।
पशु चिकित्सक डा. हर्षवर्धन राजपूत ने बताया कि मौके पर दस गोवंश पड़े मिले थे। जिसमें एक गोवंश के शव को आवारा जानवरों ने क्षत विक्षत कर दिया था। नौ गोवंशों का पोस्टमार्टम किया गया। जिनके विसरा जांच के लिए आगरा भेजे जाएंगे। ग्रामीणों का कहना है कि फ सलों को इस साल चूहे अधिक नुकसान पहुंचा रहे हैं। जिसके चलते किसान चूहों को मारने के लिए दवा रख रहे हैं। माना जा रहा है कि जहरीला पदार्थ खाने से गोवंशों की मौत हुई है।
वहीं हिंदू संगठनों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की है। मांग करने वालों में श्रीराम सेना समिति के संयोजक मृदुल खेवरिया, बजरंग दल के जिला संयोजक राजेश नागाइच, उपाध्यक्ष अमन सोनी, हरिओम यादव, जितेंद्र कुशवाहा, रितिक सोनी शामिल हैं।