केस-3
इंस्टाग्राम पोस्ट से मिला अलर्ट, 10 मिनट में घर पहुंची पुलिस
22 वर्षीय युवक ने इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से जुड़ी चिंताजनक पोस्ट साझा की। सुबह 7:44 बजे मेटा की ओर से यह अलर्ट यूपी पुलिस के सोशल मीडिया सेंटर को मिला। टीम ने तत्काल युवक की लोकेशन ट्रेस कर रामपुर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तेजी दिखाते हुए करीब 10 मिनट में युवक के घर पहुंचकर उसे सुरक्षित बचाया। परिजनों की मदद से युवक को संभाला गया और प्राथमिक उपचार कराया गया।
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नकारात्मकता को पहचानना जरूरी
वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक एवं बीएचयू के मनोविज्ञान विभाग के सेवानिवृत्त प्रो. आरएन सिंह के अनुसार आत्महत्या की प्रवृत्ति को समय रहते पहचाना जाए तो इसे नियंत्रित किया जा सकता है। कुछ लोगों में कठिन परिस्थितियों से जूझने की क्षमता कम हो जाती है, जबकि नकारात्मक घटनाएं भी उनके व्यवहार को प्रभावित करती हैं। ऐसे लोगों की पहचान जरूरी है जो लगातार चिंता, तनाव या अवसाद से जूझ रहे हों। धैर्य और विवेक के साथ नकारात्मकता से बाहर निकलकर जीवन को फिर से पटरी पर लाया जा सकता है।
इस साल अब तक करीब 20 लोगों की जान पुलिस बचा चुकी है। इनमें मिशन शक्ति, डायल-112 और सोशल मीडिया अलर्ट की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पुलिसिंग के तरीके में बड़ा बदलाव आया है। पहले पुलिस रिएक्टिव थी, यानी घटना होने के बाद मौके पर पहुंचती थी। अब पुलिस प्रो-एक्टिव होकर घटना से पहले ही संभावित खतरे की सूचना पर पहुंचकर लोगों की जान बचाने का प्रयास कर रही है। -आतिश कुमार, एएसपी ग्रामीण