सीएमओ सभागार में मंगलवार को पीडियाट्रिक टीबी के मरीजों को चिह्नित करने के लिए जांच दर बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण दिया गया। चिह्नीकरण की दर चार फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी करने का निर्णय लिया गया।
वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर्स संस्था के सहयोग से सभी सीएचसी के चिकित्सा अधिकारी, निजी बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों को बच्चों में होने वाली टीबी की जांच एवं उपचार के लिए प्रशिक्षण दिया गया। मेडिकल कॉलेज के प्रशिक्षित चिकित्सक डाॅ. अरविंद यादव, डाॅ. अचल सिंह, डाॅ. ममता एवं जिला चिकित्सालय के डाॅ. राम नगीना राम ने पिडियाट्रिक टीबी के बारे में बताया।
जिला क्षय रोग अधिकारी डाॅ. राकेश सिंह ने बताया कि जिले में पीडियाट्रिक टीबी की चिह्नीकरण दर चार फीसदी है। इसे बढ़ाकर 10 से 11 प्रतिशत करना है। बच्चों में टीबी की जांच कराने के लिए सुविधाओं को बढ़ावा देना है। उप जिला क्षय रोग अधिकारी डाॅ. विशाल यादव एवं डाॅ. अशोक यादव पीडियाट्रिशियन ने बताया कि बच्चों में बीसीजी का टीका जरूरी है। समय पर टीबी रोग की पहचान होने से न सिर्फ इसे फैलने से रोक सकते हैं, बल्कि रोगी बच्चों के जीवन को सुरक्षित कर सकते हैं। अध्यक्षता सीएमओ डाॅ. लक्ष्मी सिंह ने की। संचालन डीपीसी सुशील अग्रहरि ने किया।