उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में काम कर रहे श्रमिकों को तीन माह से मजदूरी नहीं मिल रही है। जिससे श्रमिकों में काफी आक्रोश है। बकाया भुगतान नहीं होने नाराज श्रमिकों ने बृहस्पतिवार को श्रमिकों ने कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ को प्रदर्शन किया। श्रमिक विनाडु शेख ने बताया कि तीन माह से वेतन नहीं मिला है। जिससे वह परिवार वालों को पैसा नहीं भेज पा रहा है।
नौ सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कालेज का निरीक्षण किया था। खामियां मिलने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए प्रमुख सचिव आलोक कुमार को उमानाथ सिंह राज्यकी चिकित्सा महाविद्यालय के निरीक्षण के लिए भेजा था। प्रमुख सचिव शिक्षा चिकित्सा ने कहा था डेढ़ सौ बेड और द्वितीय वर्ष के लिए 15 से 30 नवंबर तक काम पूरा करने का लक्ष्य है। प्रवेश भवन ,छात्रावास, आवासीय परिसर, सेमीनार भवन, लाइब्रेरी, सुंदरीकरण कार्य समय से पूर्ण कराने को कहा था, लेकिन निर्माण एजेंसी राजकीय निर्माण निगम, टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड, बालाजी प्रोजेक्ट लिमिटेड के अधीन कार्य कर रहे श्रमिकों का तीन महीने से बकाया भुगतान नहीं मिला। जिसके चलते श्रमिकों ने मंगलवार से कार्य करना बंद कर दिया था। बृहस्पतिवार की दोपहर से ही करीब 100 की संख्या में मजदूरों ने टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड की ऑफिस के सामने प्रदर्शन किया। डीएम मनीष कुमार वर्मा का कहना है कि प्रमुख सचिव ने कार्यदायी एवं मुझे हर हफ्ते की रिपोर्ट देने को कहा था। बुधवार को निरीक्षण के दौरान उन्होंने ने पाया कि काम को बंद है। जिसकी रिपोर्ट उन्होंने प्रमुख सचिव को भेज दी है। कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।