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पूविवि में स्थापित होगा महिला अध्ययन केंद्र

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महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए पूविवि परिसर में महिला अध्ययन केंद्र खोलने की तैयारी है। महिलाओं से जुड़े दो नए कोर्स भी शुरू किए जाएंगे। नई शिक्षा नीति में महिला उत्थान पर जोर के मद्देनजर विवि ने ऐसे पाठ्यक्रमों के लिए पहल की है। यह पाठ्यक्रम सत्र 2021-22 से शुरू होगा।
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नए पाठ्यक्रमों में एमए (दो वर्षीय) वूमेन स्टडी और एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा इन जेंडर एंड वूमेन स्टडीज शामिल हैं। कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने बताया कि किसी भी समाज की तस्वीर बदलने में महिलाओं का योगदान महत्वपूर्ण होता है। महिलाओं को अपनी शक्ति पहचानने की जरूरत है। समतामूलक समाज में समान अवसर और समान अधिकार प्रदान करने के लिए स्त्री-पुरुषों के बीच लिंग भेद और पितृसत्ता के प्रभाव को समाप्त करने के लिए महिला अध्ययन कोर्स के केंद्र चलाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि इसी सत्र से बायो टेक्नोलॉजी में बीएससी (ऑनर्स), बीएससी विभिन्न काम्बिनेशन के साथ (जूलॉजी, बॉटनी, केमिस्ट्री, पर्यावरण विज्ञान) पाठ्यक्रम भी शुरू हो रहे हैं।
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इन पाठ्यक्रमों में भी प्रवेश शुरू
कुलपति ने बताया कि पूर्व से संचालित बीएससी (भौतिकी, रसायन, गणित तथा भौतिकी, भूगर्भ विज्ञान, गणित) में प्रवेश की सभी तैयारी पूर्ण कर ली गई है। बीकॉम (ऑनर्स), पांच वर्षीय एकीकृत प्रोग्राम बीए एलएलबी, बीए (ऑनर्स), बीसीए और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में बायो टेक्नोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, एनवायरमेंटल साइंस, फिजिक्स, केमेस्ट्री, मैथमेटिक्स, अप्लाइड जियोलॉजी, मास कम्यूनिकेशन, अप्लाइड साइकोलॉजी, एमबीए, प्रबंध अध्ययन विषयों में मास्टर प्रोग्राम यथा फाइनेंस एंड कंट्रोल, ई- कॉमर्स, एग्रीबिजनेस, एचआरडी, बिजनेस इकोनॉमिक्स, एमटेक (कंप्यूटर साइंस, पावर सिस्टम, कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग, थर्मल इंजीनियरिंग, मैटेरियल साइंस एंड टेक्नोलॉजी) तथा कंप्यूटर एप्लीकेशन, डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में फार्मेसी में दो वर्षीय डिप्लोमा में भी प्रवेश संबंधी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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