मछलीशहर में महिला की मौत के बाद परिजनों को समझाते सीओ विजय सिंह व रोते बिलखते परिजन।
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यूपी के जौनपुर में मछलीशहर से सटे निकामुद्दीपुर गांव में गर्भपात कराने के बाद एक महिला की हालत बिगड़ गई और सोमवार दोपहर उसकी मौत हो गई। इससे नाराज घर वालों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर मुकदमा दर्ज करने के लिए प्रदर्शन किया। मामले में कोतवाली पुलिस ने चिकित्सक दंपती पर गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। दोनों फरार हैं।
पहाड़पुर गांव निवासी रतनलाल गुप्ता ने कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया कि 20 अक्तूबर को उनकी गर्भवती पुत्री रानी (25) को पेट दर्द की शिकायत होने पर वे नगर के निकामुद्दीपुर स्थित आयुष पाली क्लीनिक ले गए। वहां पुष्पा पटेल और उसके पति रामजीत पटेल ने गर्भपात कर दिया। एक दिन बाद बेटी की तबीयत बिगड़ने पर फिर उसी चिकित्सक के पास लेकर गए।
वहां डॉक्टरों ने कहा कि घबराने की कोई बात नहीं है और नगर स्थित सिद्दीकी अस्पताल ले जाकर भर्ती कर दिया। वहां बेटी की हालत और बिगड़ गई। फिर वह बेटी को रेफर करवा कर जौनपुर स्थित एक नर्सिग होम ले गए। वहां चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड के बाद बताया गया कि एबॉर्शन के दौरान महिला की बच्चेदानी फट गई और आंत कट गई है।
चिकित्सक ने ऑपरेशन किया किंतु हालत सुधरने के बजाय और बिगड़ गई। उसके बाद वाराणसी स्थित एक निजी नर्सिग होम में भेज दिया गया, जहां इलाज के दौरान सोमवार को उसकी मौत हो गई। पिता के अनुसार, उनकी बेटी की शादी चार वर्ष पूर्व बक्शा थाने के नरी गांव निवासी लवलेश गुप्ता के साथ हुई थी।
महिला को दो वर्ष की एक पुत्री और चार माह का एक पुत्र है। इस बाबत कोतवाल पर्व कुमार सिंह ने बताया कि पुष्पा पटेल और उसके पति रामजीत पटेल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया और उनके पंजीकरण और डिग्री की भी जांच कराई जा रही है।