केराकत। स्थानीय तहसील में शुक्रवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक महिला ने वर्षों से लगातार शिकायत पत्र देने के बावजूद समस्या का निस्तारण नहीं होने से अजीज आकर एसडीएम को वाहन पर बैठने से रोक दिया। एसडीएम ने पेशकार को बुलाकर उसके मामले में उसके मन मुताबिक कानून गो तैनात कर संबंधित फाइल दिखाने का निर्देश दिया, जिसके बाद महिला शांत हुई और एसडीएम वाहन बैठ कर रवाना हो सके। बीरीबारी गांव निवासिनी लालमनी सोनकर विवादित भूमि की पैमाइश के लिये तहसील व जिला से लेकर लखनऊ तक चक्कर काट रही है, लेकिन समस्या का निदान नहीं हुआ है। इसी मामले में वह शुक्रवार को केराकत तहसील आई थी, तभी एसडीएम चंद्रप्रकाश पाठक वाहन पर बैठने जा रहे थे। तभी लालमनी एसडीएम को वाहन पर बैठने से रोक लिया। लालमनी एसडीएम के पास जाकर यह कहने लगी। हे सरकार जब तक हमरे फाइल में दूसरे हल्का के लेखपाल व दूसरे हल्के के दो कानूनगो को पैमाइश के आदेश ना करबा, जब तक समस्या का निस्तारण ना हो पाई। हम तोहके गाड़ी पर बैठे न देब साहब। काफी समझाने के बाद जब लालमनी अड़ी रही, जिसके बाद एसडीएम ने मजबूर होकर अपने पेशकार को बुलाकर कहा कि जिस कानूनगो को लालमनी कह रही हैं । उसी कानूनगो को आदेश करके इनको फाइल दिखा दो। जिसके बाद लालमनी ने एसडीएम को जाने दिया।
महिला का एक जमीन का विवाद उसी गांव के एक आदमी से चल रहा है। पैमाइश करायी जा चुकी है, लेकिन वह संतुष्ट नहीं है। इस लिये पुन: पैमाइश का आदेश कानूनगो कस्बा व कानूनगो जलालपुर को कर दिया गया है। दोनों कानून गो व लेखपाल को पुलिस के साथ जाकर तहसीलदार की उपस्थिति में पैमाइश कराने का निर्देश दिया जाएगा।
चंद्र प्रकाश पाठक, एसडीएम