जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम अनिल कुमार यादव ने बृहस्पतिवार को सुरेरी थाना क्षेत्र के कमरुद्दीनपुर गांव में पड़ोसी महिला की जलाकर गैर इरादतन हत्या करने और बच्चों को जलाकर घायल करने की दोषी महिला पूनम को 10 वर्ष की सजा और 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
वादी के अनुसार रीता चौहान चार अक्तूबर 2015 को 7:30 बजे अपने घर के दरवाजे पर बैठी थी। तभी पड़ोसी शकुंतलार और उसकी बहू पूनम पुराने झगड़े के विवाद को लेकर उसे गालियां देते हुए उसके घर पर आई। शकुंतला के ललकारने पर पूनम ने मिट्टी का तेल छिड़ककर रीता को जला दिया। उसके बगल में बैठे उसके बच्चे भी जलने लगे। शोर करने पर आसपास के लोग आकर आग बुझाए। रीता और उसकी बच्ची अंशिका एवं पुत्र किशन को जिला चिकित्सालय ले जाया गया। वहां से रीता और अंशिका को वाराणसी रेफर किया गया। वाराणसी के प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 22 अक्तूबर 2015 को रीता की मृत्यु हो गई। पुलिस ने विवेचना करके कोर्ट में केस डायरी दाखिल की। सरकारी वकील संजय श्रीवास्तव और राजेश कुमार श्रीवास्तव ने कोर्ट में गवाहों का बयान अंकित कराया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद गैर इरादतन हत्या की दोषी पूनम को 10 वर्ष की सजा सुनाई।