करंजाकला। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों के तहत पूविवि आगामी सत्र से पीएचडी में प्रवेश लेगा। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को अपने शोध अध्यादेश में संशोधन करना होगा।
पूर्वांचल विश्वविद्यालय पीएचडी में प्रवेश के नए नियम को सत्र 2024-25 में लागू करेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने काफी मशक्कत के बाद नया शोध अध्यादेश तैयार किया था। विद्या परिषद व कार्य परिषद की स्वीकृति के बाद अंतिम स्वीकृति के लिए राजभवन भेजा गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन को स्वीकृति का इंतजार है। इसी बीच शोध प्रवेश को लेकर यूजीसी के नए प्रवेश नीति को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी गई है। इसमें नेट (नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट) के नंबर के आधार पर पीएचडी में प्रवेश लेने का निर्देश दिया गया है। यूजीसी ने देश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में पीएचडी प्रवेश की प्रक्रिया का मानक तय कर दिया है। यूजीसी के इस फैसले के बाद अब पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पीएचडी में एडमिशन भी यूजीसी नेट स्कोर से मिलेंगे। पीएचडी एडमिशन के लिए कैटेगरी दो व तीन में उम्मीदवारों को मिले नेट स्कोर एक साल की अवधि के लिए मान्य रहेंगे।
तीन कैटेगरी में घोषित होगा नेट का परिणाम
यूजीसी से मिले पत्र के मुताबिक यूजीसी नेट एग्जाम में प्रदर्शन के आधार पर 3 कैटेगरी रखी जाएगी। कैटेगरी 2 और 3 में क्वालिफाई करने वाले उम्मीदवारों को पीएचडी में एडमिशन के लिए टेस्ट स्कोर में 70 नंबर का वेटेज और साक्षात्कार में 30 नंबर वेटेज दिया जाएगा।
कैटेगरी 1- इस कैटेगरी में वे छात्र रखे जाएंगे जो पीएचडी में एडमिशन, जेआरएफ और असिस्टेंट प्रोफेसर, तीनों रूप में नियुक्ति के लिए पात्र होंगे।
कैटेगरी 2- इस कैटेगरी में वे छात्र होंगे जो पीएचडी में एडमिशन और असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में नियुक्ति के लिए पात्र होंगे।
कैटेगरी 3- इस कैटेगरी में वे अभ्यर्थी रखे जाएंगे जो सिर्फ पीएचडी में एडमिशन के लिए पात्र होंगे।
विश्वविद्यालय को शोध अध्यादेश में प्रवेश प्रक्रिया को लेकर संशोधन करना होगा। फिलहाल विश्वविद्यालय की ओर से तैयार किए गए शोध अध्यादेश को राजभवन स्वीकृति के लिए भेजा गया है। अभी तक वहां से स्वीकृति नहीं मिल पाई है इसमें समय लगेगा। यूजीसी की नई प्रवेश नीति के आधार पर पीएचडी प्रवेश परीक्षा कराई जाएगी, जिसमें थोड़ा वक्त लगेगा।- प्रोफेसर वंदना सिंह, कुलपति, पूर्वांचल विश्वविद्यालय।