भारतीय जनता पार्टी के मछुआरा प्रकोष्ठ के जिला संयोजक मनोज निषाद के नेतृत्व में सैकड़ों निषाद समाज के लोगों ने अनूसचित जाति में शामिल आदि मांगों को मंगलवार को जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान वक्ताओं ने प्रदेश सरकार की नीतियों को जमकर कोसा।
अखिलेश निषाद को कम मुआवजा देने पर रोष प्रकट किया गया । इस दौरान अखिलेश निषाद के परिवार में एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने, मुआवजे की राशि एक करोड़ करने की मांग की। राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
निषाद समाज के सैकड़ों लोग मंगलवार को सद्भावना पुल पर एकत्रित होकर कलेक्ट्रेट परिसर तक जुलूस निकाला। कलेक्ट्रेट पहुंच कर धरना प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान भारतीय मछुआरा महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री मनोज कश्यप ने कहा कि प्रदेश की समाजवादी पार्टी की सरकार में कोई भी सुरक्षित नहीं है। प्रदर्शन करने वालों पर गोलियां चलवा दी जाती है।
मांगों को लेकर सात जून को मगहर गोरखपुर में आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे निर्दोष लोगों पर पुलिस ने खुले आम गोलियां बरसाई। जिसमें अतिपिछड़ा वर्ग के बीएससी तृतीय वर्ष के छात्र अखिलेश निषाद की मौत हो गई। साथ ही 37 निर्दोष लोगों को तत्काल जेल में बंद कर दिया गया। प्रदर्शन करने वालों में राजकुमार निषाद, केवलधारी निषाद, प्यारेलाल, प्रदीप, फूलचंद्र, बच्चूलाल, बाबूराम आदि रहे।