जलालपुर के इस्मैला गांव में कुएं के मलबे में दबकर मजदूरों की मौत के बाद रोते बिलखते परिवार के लोग।
इस्मैला गांव में कुएं के मलबे में दबे दो मजदूरों का शव 16 घंटे बाद आसपास के ग्रामीणों की मदद से निकाला गया। डीएम ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया है।
मझगंवा खुर्द (केसवा पुरवा) निवासी संजय (24), शंभू (23) इस्मैला गांव में गुरुवार शाम को सल्टू प्रजापति के कुएं से ईंट निकालने के दौरान मलबे में दब गए थे। ईंट निकालने के लिए 6 हजार रुपये में मजदूरों ने ठेका लिया था।
15 फुट तक वे ईंट निकाल चुके थे। तकरीबन 25 फुट और निकालना था। तभी अचानक ऊपर से मिट्टी भरभराकर गिर गई। जिसके मलबे में दोनों दब गए। दो घंटे बाद बचाव कार्य साढ़े सात बजे शुरू हुआ।
पहले एक जेसीबी से मलबा निकाला जाने लगा। डीएम मौके पर पहुंचे तो उनके निर्देश पर दो और जेसीबी लगवाई गई। रात भर बचाव कार्य चलता रहा। भोर में करीब चार बजे जेसीबी का तेल खत्म हो गया।
उस समय करीब 35 फिट मिट्टी निकाली जा चुकी थी। इसके बाद पांच मजदूर दिलीप, बुधिराम, विजय, मनोज आदि कुएं में घुसे और ग्रामीणों की मदद से मिट्टी निकाला। सुबह करीब आठ बजे दोनों का शव बाहर निकाला गया।
शव निकलते ही कोहराम मच गया। मजदूरों के परिवार वाले रोने बिलखने लगे और डीएम को बुलाने की मांग करने लगे। सूचना पर डीएम भी पहुंच गए। उन्होंने आश्वासन दिया कि शासन द्वारा अनुमन्य सभी सुविधाओं का लाभ मृतकों के आश्रितों को दिया जाएगा। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए। उधर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।