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सीवर लाइन बिछाने में पानी और टेलीफोन लाइन की क्षति भी सुधारेगा जलनिगम

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जौनपुर। सीवर पाइप बिछाने के लिए सड़क की खोदाई के दौरान क्षतिग्रस्त हो रही पानी और टेलीफोन लाइन को सुधारने का जिम्मा भी जलनिगम का होगा। संबंधित विभागों की ओर से हर्जाना मांगने के बाद अब जल निगम इसकी मरम्मत की तैयारी में है। इसके लिए डीपीआर में फिर से संशोधन कर क्षतिपूर्ति की राशि भी शामिल की जा रही है, ताकि मरम्मत में बजट की कमी न रहे।
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अमृत योजना के तहत शहर में बिछाई जा रही सीवर लाइन के लिए कई सड़कों की खोदाई जारी है। कई मोहल्लों में खोदाई के दौरान पानी व टेलीफोन लाइन भी क्षतिग्रस्त कर दी गई है। इसके चलते दोनों सेवाएं बाधित हैं। उपभोक्ताओं की शिकायत के बाद संबंधित विभाग जलनिगम पर उसकी मरम्मत का दबाव बना रहे, जबकि जलनिगम बजट का रोना रो रहा है। डीपीआर में इसकी व्यवस्था न होने से वह हाथ खड़े कर रहा है। क्षतिपूर्ति देने में उन्हें काफी चपत लग रही है। इस समस्या को दूर करने के लिए कार्यदाई संस्था जलनिगम ने अब डीपीआर में संशोधन की तैयारी की है। इसमें सीवर पाइप डालने के समय क्षतिग्रस्त नालियों और पेयजल पाइप को बनाने के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया जाएगा।
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बीएसएनएल ने मांगा 20 लाख का हर्जाना
जौनपुर। सीवर लाइन बिछाने के लिए बीएसएनएल को काफी क्षति पहुंची है। पहले ही तंगहाली से गुजर रहे बीएसएनएल में केबल कटने के बाद मरम्मत में काफी पैसा खर्च करना पड़ रहा है। बजट के अभाव में कई बार यह काम लंबित हो जा रहा है। उपभोक्ता लगातार हंगामा कर रहे हैं। दिनोंदिन बढ़ती समस्या को देखते हुए बीएसएनएल ने जलनिगम से 20 लाख रुपये का हर्जाना मांगा है। जिला दूरसंचार प्रबंधक महाबीर सिंह ने बताया कि जलनिगम को हर्जाने के लिए पत्र भेजा गया है। इस बारे में उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया गया है। क्षतिपूर्ति नहीं मिली तो सख्त कदम उठाया जाएगा।
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वर्जन..
डीपीआर में नालियों और पेयजल पाइप टूटने पर बनाने की सुविधा नहीं है। इस कारण हम मरम्मत नहीं करा पा रहे। अब फिर से डीपीआर में संशोधन किया जा रहा है, जिसमें क्षतिग्रस्त नाली व पेयजल पाइप को बनाने का भी प्रबंध किया जाएगा। -संजय गुप्ता, एक्सईएन, जल निगम।
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