गोमती के जल में प्रदूषण की स्थिति का अध्ययन कर रही संकट मोचन फाउंडेशन की स्वच्छ गंगा रिसर्च लेबोरेटरी की टीम ने मंगलवार को कलीचाबाद से सूरज घाट तक 25 स्थानों से जांच के लिए पानी का नमूना लिया। बीएचयू न्यूरोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डा. वीएन मिश्रा ने कहा कि जल्द ही जिले में गोमती के जल के परीक्षण के लिए एक रिसर्च लैब स्थापित की जाएगी।
गैर सरकारी संगठन स्वच्छ गोमती अभियान अविरल गोमती की पहल पर नदी के जल में प्रदूषण के स्तर की जानकारी के लिए मंगलवार को दूसरी मर्तबा टीम यहां पहुंची। संकट मोचन मंदिर के महंत व फाउंडेशन के प्रमुख और प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने इस अभियान को हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
स्वच्छ गोमती अभियान के संयोजक गौतम गुप्ता ने बताया कि नदी से लिए नमूनों की जांच रिपोर्ट एक सप्ताह के अंदर प्राप्त हो जाएगी। टीम में गोपाल पांडेय, लालमन निषाद, लालजी निषाद शामिल हैं। संयोजक विकास शर्मा और डा. राजवीर सिंह ने बताया कि जिन 25 स्थानों से नमूना लिया गया है, उनमें से कलीचाबाद में सबसे कम टीडीएस (टोटल डिजॉल्व सालिड) 245 दर्ज किया गया है।
सबसे अधिक टीडीएस शास्त्री पुल के नीचे 650 दर्ज किया गया। अभी पिछली बार यहां आई टीम ने शास्त्री पुल के नीचे के जल का टीडीएस 400 दर्ज किया था। अभियान के मुख्य संरक्षक एवं बीएचयू के न्यूरोलाजी विभागाध्यक्ष डा. वीएन मिश्र ने कहा कि जिले के किसी विद्यालय को चिह्नित कर वहां नदी के जल परीक्षण के लिए रिसर्च लैब स्थापित की जाएगी। लैब के लिए संकट मोचन फाउंडेशन सभी संसाधन उपलब्ध कराएगा। इस मौके पर मनोज तिवारी, राजेंद्र विश्वकर्मा, रामानंद, आलोक वैश्य, बृजेश कुमार, कृपासिंंधु आदि मौजूद थे।