जौनपुर जिले के सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के गैंगेस्टर एक्ट के मुकदमे में अपर सत्र न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट की अदालत ने मिर्जापुर और कौशांबी के एसपी को चेेतावनी दी है। मुकदमे में दो जनवरी की अगली सुनवाई तिथि पर संबंधित थानाध्यक्षों को अदालत में पेश नहीं करने पर उनके खिलाफ डीजीपी व मुख्य सचिव को लिखा जाएगा। दोनों थानाध्यक्षों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी है।
तत्कालीन थानाध्यक्ष सिकरारा प्रशांत कुमार श्रीवास्तव ने एक जनवरी 2014 को सरायख्वाजा थाने पर संतोष व अन्य आरोपियों के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मुकदमे में गवाह कृष्ण प्रताप सिंह अब कौशांबी (थानाध्यक्ष महेबाघाट) और प्रमोद कुमार यादव मिर्जापुर (थानाध्यक्ष अदलहाट) में तैनात हैं।
कोर्ट की ओर से वारंट और नोटिस भेजने के बाद भी दोनों गवाह अदालत में उपस्थित नहीं हुए। इस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए एसपी कौशांबी और मिर्जापुर को दोनों थानाध्यक्षों को कोर्ट में प्रस्तुत करने का आदेश जारी किया।
कोर्ट ने कहा कि दोनों एसपी के असहयोग की वजह से मुकदमे के निस्तारण में विलंब हो रहा है। गैंगेस्टर के मामलों की निगरानी हाईकोर्ट स्वयं कर रही है। अगली तिथि पर दोनों एसओ के उपस्थित न होने पर संबंधित एसपी के विरुद्ध सूचना डीजीपी व प्रदेश सरकार को भेजी जाएगी।