जौनपुर। जनपद की 1734 ग्राम पंचायतों के मौजूदा ग्राम प्रधानों, बीडीसी और वार्ड सदस्यों का कार्यकाल आगामी 26 मई को समाप्त हो रहा है। कार्यकाल खत्म होने के ठीक पहले गांवों में विकास कार्यों के नाम पर भ्रष्टाचार की शिकायतें तेजी से बढ़ी हैं। जिलाधिकारी को भेजी गई 184 शिकायतों में से अब तक केवल 51 मामलों का ही निस्तारण हो सका है, जबकि 133 से अधिक शिकायतें अभी भी लंबित हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) नवीन सिंह के मुताबिक, इनमें से अधिकांश मामले कोर्ट केस होने के कारण लटके हुए हैं। अनियमितता की ये शिकायतें जिले के सभी 21 ब्लॉकों के किसी न किसी गांव से सामने आई हैं। प्रधानों पर नाली, खड़ंजा निर्माण और हैंडपंप का बिना रिबोर कराए ही सरकारी धन हड़पने जैसे गंभीर आरोप हैं। शिकायतों की जांच के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों को तैनात किया गया है और विभाग ने इसके लिए एक अलग सेल भी बनाया है। नियमानुसार कार्यकाल खत्म होने पर ग्राम सचिव को प्रशासक नियुक्त कर चुनाव कराया जाता है। हालांकि, इस बार प्रशासक की नियुक्ति और आगामी चुनाव को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। अधिकारी इस संबंध में शासन के दिशा-निर्देशों (शासनादेश) का इंतजार कर रहे हैं। जांच अधिकारियों की रिपोर्ट आते ही दोषी पाए जाने वाले प्रधानों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।