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जिला पंचायत सदस्य को लुभाने और धमकाने का वीडियो वायरल

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जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए एक पार्टी विशेष के कार्यकर्ता की ओर से जिला पंचायत सदस्य को लुभाने और धमकाने का वीडियो वायरल हो रहा है। जिसे लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। मंगलवार को सपा के जिलाध्यक्ष लालबहादुर यादव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने वायरल वीडियो की जांच कर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए डीएम को ज्ञापन सौंपा है।
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दरअसल, वायरल वीडियो में एक जिला पंचायत सदस्य को लुभाने के लिए यह कहा जा रहा है कि जितना दूसरे दावेदार देंगे, उससे अधिक दिया जाएगा। जो लोग साथ नहीं आएंगे उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसा दिया जाएगा। एक पुलिस अधिकारी का पद नाम लेते हुए कहा जा रहा है कि उन्होंने दस क्विंटल गांजा मंगवा कर रखा है। ऐसा कोई जिला पंचायत सदस्य नहीं है, जिनके खिलाफ कोई न कोई मुकदमा न हो। उन्हें फर्जी मुकदमे में भी जेल भेज दिया जाएगा। सपा का आरोप है कि धमकी देने वाला शख्स भाजपा का नेता है और वह भाजपा के संभावित एक प्रत्याशी के लिए ही जिला पंचायत सदस्य को धमकी दे रहा है।
सपा जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि जिस तरह भाजपा सरकार लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश रच रही है, वह निंदनीय है। शासन-प्रशासन के दबाव में पंचायतों का चुनाव कराना चाह रही है। चुनाव टालना भी इसी साजिश का एक हिस्सा है। सपा जिलाध्यक्ष ने कहा है कि वीडियो को देखने से आभास हो रहा है कि चुनाव धन और प्रशासन के बल से लड़ने के लिए भाजपा की तैयारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि समाजवादी पार्टी के लोग इसे सफल होने नहीं देंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि ज्ञापन को चुनाव आयोग को भेज कर अवगत कराएंगे। जो वीडियो वायरल हुआ है, उन्होंने उसकी जांच कराकर उचित कार्रवाई की मांग की। ताकि जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में जिला पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्भीक होकर मतदान कर सकें। इस मौके पर श्याम बहादुर पाल, हिसामुद्दीन शाह, राहुल त्रिपाठी, आशिफ शाह आदि मौजूद रहे।
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