जौनपुर जिले के जलालपुर क्षेत्र के मोजरा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय परिसर में मंगलवार को सरस्वती पूजा एवं कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि रामअचल सिंह पटेल ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
प्रीति, अंतिमा प्रजापति ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत किया। आकाशवाणी के कवि लालजी यादव उर्फ झगड़ भैया ने डारी डारी मंजरी आ जाय त समझा फागुन हव... सुनाकर खूब ताली बटोरी। अरुण कुमार अरुणेश ने कभी द्रोपदी श्रम गई थी दुर्योधन की बुरी नियत से, अब तो कितनी सगी बेटियां बाप से है घबराई... सुनाकर वाहवाही लूटी। होरीलाल अशांत ने मन का भार लिए चलता हूं यह तो अपनी लाचारी है..., निडर जौनपुरी ने भूखा कबूतर फंस गया है आप फंस कर देखिए..., डॉ. रामसमुझ भास्कर ने हाथ में रहेगा चाहे रहूंगा तिरंगे बीच आऊंगा..., योगेंद्र भारती ने तिरंगा शान है मेरा..., उमाशंकर उमेश ने एकता सबमें गीता, बाइबिल कुरान लिखना... सुनाया। पारसनाथ सिंह, राधेश्याम निर्मल, क्षमनाथ मिश्र, फरियाद कलम राही, शोभनाथ, देवनाथ दर्द आदि ने भी रचनाएं प्रस्तुत की। इस मौके पर शीतला सिंह, हरिश चंद पटेल, अत्ताउल्लाह खान, अनिल दुबे, गुलाब पटेल, ओमप्रकाश प्रजापति आदि मौजूद रहे।
1001 दीपों के प्रकाश से जगमगाया यज्ञ स्थल
मड़ियाहूं। कोतवाली क्षेत्र के देल्हूपुर गांव में चल रहे गायत्री महायज्ञ के अंतिम दिन मंगलवार को विद्या की देवी मां सरस्वती का पूजन किया गया। नौ कुंडों पर यज्ञ चार पालियों में हुई। यज्ञ में मुंडन, विद्यारंभ, नामकरण, अन्नप्रासन संस्कार कराए गए। यज्ञ आचार्य पं. कमलेश मिश्र ने कहा कि मां सरस्वती विद्या और विनय की देवी हैं। 1001 दीपों के प्रकाश में लोगों ने अपनी एक बुराई त्याग कर यज्ञ की पूर्णाहुति की। पं. सुनील मिश्र ने आभार जताया। कार्यक्रम में पं. ब्रह्मदेव मिश्र, भगवान मिश्र, उपेंद्र तिवारी, शिव गोविंद यादव, अशोक मिश्र, दिनेश ओझा, देवेंद्र मिश्र, श्याम मौर्य, अनिरुद्ध मिश्र आदि रहे।