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बाढ़ की चपेट में आए कई गांव, खुले राहत शिविर

Wed, 24 Aug 2016 01:08 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
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केराकत क्षेत्र में बाढ़ आने पर लोगों ने लिया नाव का सहारा।
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गंगा के दबाव के चलते गोमती नदी में जलस्तर बढ़ने का सिलसिला लगातार जारी है। बाढ़ के चलते मंगलवार को केराकत के पास स्थित अस्मशान घाट डूब गया और पास में स्थित काब्रिस्तान में भी पानी भर गया। पानी में डूबने के चलते कब्रिस्तान की बाउंड्री धराशायी हो गई। उधर चंदवक गांव में पानी में डूबा खपरैल मकान सोमवार की रात ढह गया। हालाकि बाढ़ को देखते हुए घर में रखे गृहस्थी के सारे सामान पहले ही निकाल लिए गए थे। एडीएम वित्त एवं राजस्व उमाकांत त्रिपाठी ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित गांवों का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। 
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डोभी प्रतिनिधि के अनुसार चंदवक, बलुआ और बरइछ गांव पूरी तरह बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। बलुआ गांव के लोगों को बाहर निकलने के लिए प्रशासन की ओर से एक नाव उपलब्ध कराई गई है। गांव की उंचाई पर स्थित चंदवक प्राथमिक विद्यालय में प्रशासन की ओर से राहत शिविर स्थापित कर दिया गया है। हालाकि  गांव के लोग अभी घर छोड़कर राहत शिविर में जाने को तैयार नहीं हैं। जिनके घर में पानी भर गया है वे पड़ोसियों के घर में या फिर छत पर टेंट लगाकर उसमें शरण लिए हुए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 24 घंटे में करीब 10 सेंटीमीटर नदी का जलस्तर बढ़ा है। चंदवक इलाके के गोमती नदी के  किनारे के गांव बरमलपुर, हरिहरपुर, सेमरी, वरईछ, वलुआ, रामगढ़, वरहपुर, चवरवर, चांदेपुर, चौबेपुर, सारेपुर, चंदवक, आदि गॉव पानी से घिर चुके हैं। वलुआ, वरइछ और चदवक गॉव को वाढ़ का पानी पुरी तरह से घेर लिया है।  ग्रामीणों की माने तो बाढ़ की वजह से सबसे अधिक परेशानी उन्हें पशुओं के लिए चारा जुटाने में हो रही है। चंदवक घाट निवासी सुनील निषाद का खपरैल मकान में दो दिन से बाढ़ का पानी लगा था। परिवार के लोग गृहस्थी के सभी सामान बाहर निकलकर घर से दूर उंचाई पर टेंट लगाकर रह रहे थे।
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सोमवार की रात में मकान ढह गया। एडीएम उमाकांत त्रिपाठी ने बाढ़ से प्रभावित चंदवकघाट व चवरवर गॉव का भ्रमण किया। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि अगर गांव में रहने में उन्हें कोई परेशानी हो रही है तो विद्यालय पर स्थापित राहत शिविर में रह सकते हैं वहां उनके खाने पीने के भी इंतजाम किए         गए हैं। 
हालांकि ग्रामीण अभी गांव छोड़कर जाने को तैयार नहीं हैं। ग्रामीण इस आस में हैं कि एक दो दिन में नदी का जलस्तर घट जाएगा। एडीएम के साथ कानूनगो लालाराम सोनकर भी मौजूद थे। केराकत प्रतिनिधि के अनुसार चंदवक से होकर गोमती का पनी धीरे धीरे नदी में ऊपर की तरफ चढ़ रहा है। केराकत अस्मशान घाट पानी में डूब गया है। और आस पास के खेतों में भी पानी फैलने लगा है। कब्रिस्तान की बाउंड्री पानी डूबी थी जो धराशायी हो गई। 
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