पूर्वांचल विश्वविद्यालय सभी विद्यार्थियों की डिग्री, अंक पत्र के अलावा पूरा डाटा डीजी लाकर पर सुरक्षित करेगा। इसके लिए तैयारी शुरू हो गई है। पूरी डिटेल जानकारी डीजी लाकर फार्मेट में सुरक्षित रखी जाएगी। जो छात्रों के प्रमाणपत्रों को डिजिटल मोड में सुरक्षित रखने में सक्षम बनाएगा। इतना ही नहीं जरूरत पडने पर उनका वेेरीफिकेशन किसी भी समय कहीं पर आसानी से हो सकेगा। विवि से संबद्ध छात्र भी डीजी लाकर अपना पंजीकरण कराकर अपने डिटेल की जानकारी आसानी से कर सकेंगे। सरकार नए सत्र में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में डिजिटल लॉकर (डिजी-लॉकर) शुरू करने के लिए निर्देश दिया है। सेमेस्टर परीक्षा के परिणाम घोषित करने के साथ ही इन्हें विद्यार्थियों के डिजिटल लॉकर में भेजा जाएगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय और ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) ने आईआईटी व अन्य तकनीकी संस्थानों को इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने को कहा है। डीजी लाकर सुविधा की जानकारी मुहैया कराने के लिए एमबीई विभाग के प्रोफेसर आशुतोष कुमार सिंह इसके नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं। प्रो. आशुतोष सिंह का कहना है कि छात्रों को डिटेल सुरक्षित रखने के लिए डीजी लाकर की तैयारी शुरू हो गई है। विश्वविद्यालय जल्द ही अपने विद्यार्थियों का डीजी लॉकर अकाउंट खोलेगा। परीक्षा नियंत्रक बीएन सिंह का कहना है कि विवि परिसर के छात्रों के अलावा महाविद्यालयों के छात्रों को भी डीजी लॉकर पर अपना पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके लिए तैयारी शुरू हो गई है। अब छात्रों के सभी डिटेल आनलाइन हो जाएंगे। अकाउंट खोलने के लिए छात्रों को आधार और मोबाइल नंबर से जोड़ना होगा। विद्यार्थी अपने हाईस्कूल, इंटर की मार्क्सशीट, सर्टिफिकेट के साथ ही सभी डिटेल इस पर सुरक्षित रख सकेंगे। एकाउंट खोलने के बाद छात्रों की डिटेल डिजी लॉकर पर दिखाना शुरू कर देगा।