अवधेश ने बताया कि वह 18 साल की उम्र में आर्मी में पहली बार भर्ती होने गए। दौड़ में चयनित भी हुए, लेकिन मेडिकल में बाहर हो गए। ऐसा उनके साथ छह बार हुआ। अवधेश बहुत अच्छे धावक है। उन्होंने कई पुरस्कार भी जीते हैं। इस बार जब जिला पंचायत सदस्य की सीट आरक्षित हुई तो उनके साथ सेना की तैयारी कर रहे दोस्तों ने उन्हें चुनाव लडऩे का सुझाव दिया। दोस्तों ने ही चंदा लगाकर जिला पंचायत सदस्य के वार्ड 21 से पर्चा भी दाखिल कराया और चुनाव का पूरा प्रबंधन भी किया। अब जब मतगणना हुई तो अवधेश 3861 वोटों से जीत गए हैं। यह अंतर बदलापुर ब्लाक के चार वार्डों में सबसे बड़ा है।