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बंदी को लेकर दवा कारोबारी दो फाड़

Tue, 13 Oct 2015 12:54 AM IST
जौनपुर ब्यूराे
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दवा कारोबारियों के दो अलग-अलग संगठन 14 अक्तूबर को प्रस्तावित बंदी को लेकर दो फाड़ गए हैं। एक गुट ने जहां 14 अक्तूबर को मेडिकल की दूकानें बंद रखने का निर्णय लिया है वहीं दूसरे गुट ने विरोध करते हुए एलान किया है कि वे
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 किसी भी कीमत पर दूकानें बंद नहीं रखेंगे। इसे लेकर दोनों गुट आमने-सामने गए हैं। केमिस्ट एंड कास्मेटिक वेलफेयर एसोसिएशन के संरक्षक इंद्रभान सिंह इंदू ने सोमवार को नगर के एक होटल में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि इस

समय पूरे देश में संक्रामक बीमारी फैली है, प्रदेश में पंचायत चुनाव भी चल रहा है। ऐसे में दवा की दूकानें बंद होने से मरीजों को बड़ी परेशानी होगी। हमारे संगठन ने व्यापार के साथ साथ  मानवीय मूल्यों को भी प्राथमिकता दी है। दवा
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व्यवसायियों के हितों की रक्षा के साथ जनता के हितों का भी ध्यान रखना है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा दूसरे संगठन ने 14 अक्तूबर को प्रस्तावित बंदी को लेकर दवा कारोबारियों को गुमराह किया है। बंदी मेडिकल की दूकानों पर

फार्मासिस्टों की अनिवार्यता के खिलाफ करने का एलान किया गया है जबकि प्रधान मंत्री को भेजे गए उनके पत्रक में इस बात का कहीं उल्लेख नहीं किया गया है। पीएम को भेजे गए पत्रक में ई-फार्मेसी के खिलाफ होने का उल्लेख किया गया

है। ई-फार्मेसी एक तो यूपी में लागू नहीं है दूसरे इस व्यवस्था से सिर्फ दवा के बड़े कारोबारियों पर असर पड़ेगा। आरोप लगाया है कि दूसरा संगठन बड़े व्यापारियों और और दवा कंपनियों के हाथ में कठपुतली की तरह काम कर रहा है। इंदू

सिंह ने कहा है कि डीएम ने उन्हें इस बात का आश्वासन दिया है कि अगर कोई जबरन दूकान बंद कराने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ सख्ती से निबटा जाएगा। इस मौके पर संगठन के एक्शन कमेटी के चेयरमैन प्रमोद

जायसवाल, महेंद्र गुप्ता, सुनील श्रीवास्तव, गंगाराम, हरीश त्रिपाठी आदि मौजूद थे। उधर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने रविवार को प्रेस कांफ्रेंस कर 14 अक्तूबर को दवा की दूकानें बद रखने का एलान किया था।
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