मुंगराबादशाहपुर में तीसरे दिन श्री राम लीला कमेटी गुड़ाही के मंच पर भगवान श्री राम व मां सीता के जन्म की लीला का मंचन किया गया। भगवान राम के जन्म पर अयोध्या में छाई खुशी छा गई।
भगवान राम व सीता का जन्म दृश्य देख कर दर्शक भाव विभोर हो उठे। भगवान के जायकारों से पंडाल गूंज उठा। राजा जनक के राज्य में सूखा पड़ा था। इस भीषण अकाल को लेकर प्रजा में त्राहि त्राहि मचा हुआ था।
इसको लेकर राजा जनक चिंतित थे ज्योतिषों ने बताया कि राजा हल चलाऐगें तो तभी बारिश होगी। राजा जनक का हल घड़े में टकरा गया। उसी घडे़ सें मां सीता का नन्हे शिशु के रूप जन्म हुआ।
राजा द्वारा हल चलाते ही घोर बारिश शुरू हो गई। रावण के आतंक से देवी देवता त्रषि मुनि व सारे मनुष्य भयभीत थे। सभी लोग रक्षा के लिए ब्रम्हा के दरबार में पहुंचे उन्होंने राक्षसों के बध के लिए इस धराधाम पर विष्णु अवतार के रूप में
मनुष्य रूप धारण करके आने का वचन दिया। तब पहुंचे लोगो की व्यथा दूर होने की आशा उनमें जागी व्यास फूलचन्द्र पाण्डेय मण्डली द्वारा रस भरी मधुर चौपाई रामलीला कार्यक्रम में लिप्त निर्देशक लालबहादुर सिंह के कुशल निर्देशन
में कलाकार रामलीला का मंचन कर रहे है वयोबृद्व संरक्षक संगम लाल गुप्त व अध्यक्ष पशुपति नाथ मुन्ना ने भगवान की आरती उतारी संचालन राजू गुप्त ने किया आकाश गुप्त गोलू व क्रान्ति कुमार गुप्त व्यवस्थो में लगे हुए है ।