सरपतहों थाना क्षेत्र के गैर इरादतन हत्या के मामले में दो सगे भाइयों को दोषी करार देते हुए सोमवार को एडीजे प्रथम नसीर अहमद ने खुले न्यायालय में आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
साथ ही हत्यारोपियों पर 25-25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। यह घटना पांच वर्ष पूर्व मुकदमे बाजी की रंजिश को लेकर हुई थी।
अभियोजन कथानक के अनुसार सरपतहां थाना क्षेत्र के खानपुर चोरवां निवासी उदयभान सिंह ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि मेरे दोनों छोटे भाई विनय सिंह व विजयबहाुदर सिंह एक राय होकर मुकदमे बाजी की रंजिश को लेकर 25 अगस्त
2010 की रात नौ बजे मेरे बड़े भाई बद्रीनरायन सिंह चारपाई पर सोए हुए थे। विजय बहादुर ने ललकारा तो विनय सिंह जो शराब के नशे में था चाकू से वार कर दिया। जिससे बद्रीनरायन सिंह गंभीर रुप से घायल हो गए। उपचार के दौरान 26
अक्टूबर की सुबह 10 बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुइथाकला में उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी करके आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता अतुल कुमार श्रीवास्तव ने चार
गवाह न्यायालय में पेश किया। गवाह पक्ष द्रोही हो गए थे। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस व तर्को को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के परिसीलन के पश्चात दोनों आरोपियों विनय सिंह व विजय बहादुऱ सिंह को आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये की अर्थदंड की सजा सुनाई।