स्वास्थ्य विभाग में होने वाली भर्ती चुपचाप स्थगित कर दी गई। भर्ती स्थगित करने से पहले डीएम को सूचना तक नहीं दी गई। आरोप है कि भर्ती के नाम पर अभ्यर्थियों से मोल भाव किया जा रहा था। बात नहीं बनी तो शासन का हवाला देकर भर्ती स्थगित कर दी गई।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से चुनाव से पहले 23 स्टाफ नर्स, 20 ब्लाक कार्यक्रम प्रबंधक और दो चिकित्साधिकारियों की संविदा पर भर्ती होनी थी। उसी दौरान चुनाव अधिसूचना जारी हो गई। जिसकी वजह से भर्ती में साक्षात्कार की प्रक्रिया रोक दी गई। चुनाव के बाद मुख्य चिकित्साधिकारी ने 23 से 25 मार्च की तिथि साक्षात्कार के लिए रखी। इसके लिए उन्होंने जिलाधिकारी डा. बलकार सिंह की संस्तुति भी ले ली।
डीएम ने अपनी संस्तुति में मेरिट के आधार पर भर्ती करने के निर्देश दिए और अपनी तरफ से एक अधिकारी भी नामित कर दिया। बताते हैं मेरिट से भर्ती करने के निर्देश और जिला प्रशासन की तरफ से भर्ती पर नजर रखने के लिए एक अधिकारी को नामित करने से मनमर्जी के लोगों को भर्ती करने में दिक्कत आ रही थी। बाद में बगैर कोई कारण बताए भर्ती को स्थगित कर दिया गया। भर्ती स्थगित होने की सूचना भी डीएम को नहीं दी गई।