शाहगंज। क्षेत्र के हाजी रफीपुर गांव निवासी विवाहिता ने पति पर फोन से तीन तलाक देने का आरोप लगाया है। विवाहिता की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने पति समेत सात लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और मारपीट का मुकदमा दर्ज किया है।
प्रभारी निरीक्षक दीपेंद्र सिंह ने बताया कि पीड़िता के पिता अबू बकर अहमद ने बताया कि उन्होंने 2018 में बेटी नाजरीन का विवाह मुस्लिम रीति-रिवाज से सरायखाझा थाना क्षेत्र के भदेठी गांव निवासी मोहम्मद आमिर से किया था। विवाह में उपहार और दहेज भी मनमुताबिक दिया। शुरुआती दिनों में सब ठीक रहा, लेकिन दस दिन बाद ही पति समेत ससुराली जनों ने प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। आरोप है कि छह माह बाद पति ने अपनी बहन की शादी तय कर दी और विवाहिता का सारा जेवर बहन को दे दिया। विरोध करने पर गाली-गलौज व मारपीट की। समझौते की कोशिश के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। पति-पत्नी के तीन बच्चे भी हुए दो बेटे ओबैदा और इशान और बेटी अफीदा। 7 जनवरी को ससुराल पक्ष ने उसके साथ जमकर मारपीट की, शरीर से जेवर और कपड़े छीन लिए और बच्चों समेत मायके छोड़ आए। जब उसने पति से शिकायत की तो उसने फोन पर तीन तलाक देकर घर आने से मना कर दिया। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने मंगलवार को पति मोहम्मद आमिर, सास परवीन, ननद रेशमा, आबिदा, ताबिश और देवर राशिद व आदिल पुत्र-पुत्रीगण शमशेर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
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पहले भी आए हैं मामले
केस 1 : 31 मई 2024 को आजमगढ़ के दीदारगंज क्षेत्र की 22 वर्षीया पीड़िता ने जौनपुर शहर कोतवाली में तहरीर दी। शादी 24 अप्रैल, 2022 को उमर खां (बड़ी मस्जिद) मोहल्ला निवासी अबू हुरैरा उर्फ फैसल से हुई थी। आरोप लगाया कि शादी के कुछ ही दिन बाद पति व ससुराल के अन्य लोग और दहेज की मांग करते हुए प्रताड़ित करने लगे। मांग पूरी न होने पर एक वर्ष बाद ही पति ने तीन तलाक दे दिया। वह मायके जाकर रहने लगी। लोगों व रिश्तेदारों के समझाने पर ससुरालीजन उसे लेकर आए। फिर से निकाह के लिए हलाला का हवाला देते हुए पीड़िता की मर्जी के खिलाफ देवर मुरसलीन से दुष्कर्म कराया। इसके बाद भी पति व ससुरालीजन ने दोबारा निकाह कर अपनाने से इंकार कर दिया। मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था।.
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केस टू : 24 अगस्त 2024 को शहर कोतवाली क्षेत्र के बल्लोच टोला निवासी यासमीन बानो ने एसपी को प्रार्थना पत्र दिया। बताया कि उसकी शादी बीते 28 नवंबर 2015 को सिकंदर निवासी बल्लोच टोला से हुई थी। दहेज के लिए मारा पीटा जाता रहा। 2 फरवरी 2019 को ससुराल वालों ने मारपीट कर घर से निकाल दिया। जिसका मुकदमा दीवानी न्यायालय में लंबित है। भरण पोषण के मुकदमे में न्यायालय द्वारा वादिनी के पक्ष में निर्णय दिया गया। पति ने भरण पोषण नहीं दिया। कोर्ट ने भरण पोषण की धनराशि की वसूली के लिए पति सिकंदर के खिलाफ वसूली वारंट जारी किया। नाराज होकर सिकंदर ने 21 जुलाई 2024 को 12:30 बजे से 2:30 बजे के बीच अपने मोबाइल से वादिनी की बड़ी बहन के मोबाइल पर कई बार फोन करके गालियां व जान से मारने की धमकी दी। जब वादिनी ने फोन पर बात की तो सिकंदर ने वादिनी को एक साथ बोलकर तीन तलाक दे दिया। जिसका मुकदमा दर्ज किया गया।
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केस 3: 5 अक्तूबर 2024 को शाहगंज कोतवाली क्षेत्र के निजामपुर गांव निवासी एक महिला का आजमगढ़ के सबरहद इमामपुर गांव निवासी मोहम्मद इरफान से वर्ष 2005 में विवाह हुआ था। विवाह के बाद विवाहिता को दो बच्चे भी पैदा हुए। इसके बाद परिवार में अनबन होने लगी। बात आगे बढ़ी और गत नौ मार्च को सऊदी कमा रहे पति इरफान ने वीडियो कॉल कर पत्नी को तलाक दे दिया।