कैंडल मार्च निकालते बच्चें। संवाद
मकतब इमामे रजा के नौनिहालों ने पेश की ताजियत, रहबर-ए-मुअज्ज़म के लिए दुआ
शाहगंज। भादी मोहल्ला में शोक और गम का माहौल देखने को मिला, जब मकतब इमामे रजा (अ.स.) से जुड़े बच्चों ने शहीद रहबर-ए-मुअज्ज़म अयातुल्ला अली खामनेई समेत ईरान के अन्य शहीदों को ताजियत पेश की। इस अवसर पर बच्चों ने कैंडल मार्च निकालकर संवेदनाएं व्यक्त कीं।
शुरुआत “ना पूछो हमसे ये सदमा अजीम है, मर जाए जिसका बाप वो उम्मत यतीम है” जैसे मार्मिक अशआर से हुई, जिसे सुनकर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। बच्चों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर शांतिपूर्ण ढंग से मार्च निकाला और शहीदों के लिए दुआ-ए-मगफिरत की। इस आयोजन का नेतृत्व नगर के भादी मोहल्ला निवासी शबनम रिजवी की बेटी द्रक्षा रिजवी ने किया। उनके साथ बड़ी संख्या में छोटे-छोटे बच्चे शामिल हुए। बच्चों ने हाथों में तख्तियां लेकर शहीदों के प्रति सम्मान और एकजुटता का संदेश दिया। कैंडल मार्च भादी मोहल्ला की विभिन्न गलियों से होकर गुजरा और अंत में सामूहिक दुआ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। बड़ागांव में अयातुल्ला अली खामनेई को श्रद्धांजलि, कैंडल मार्च निकला। बड़ागांव के चहार रोजा प्रांगण में सोमवार रात ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई की याद में कैंडल मार्च निकाला। बड़ी संख्या में शिया व मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल हुए और श्रद्धांजलि अर्पित किए। मौलाना जफर मेहंदी, मौलाना शौकत रजा समेत अन्य वक्ताओं ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए घटना की निंदा की।