इसके बाद नूरजहां के बेटे ने काम कर रहे मजदूरों से सिक्के मांगे उसे एक सिक्का दिया गया। शाम होते-होते घटना की जानकारी पुलिस तक पहुंची। प्रभारी निरीक्षक देवानंद रजक मौके पर पहुंचे। नूरजहां के पुत्र के साथ मजदूरों के पास गए। मजदूरों ने पहले तो ऐसी किसी घटना से इनकार किया मगर पुलिस ने सख्ती बरती तो उन्होंने सोने के सिक्के मिलने की बात स्वीकार की।
मजदूरों ने पुलिस को सोने के 9 सिक्के दिए। इस प्रकार कुल 10 सिक्के पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। तांबे के लोटे में कितने सिक्के थे ये अभी तक साफ नहीं है। पुलिस मजदूरों से पूछताछ कर रही है। प्रभारी निरीक्षक देवानंद रजक ने कहा कि मैं मौके पर गया था। मजदूरों से संपर्क किया गया तो कुल 10 सिक्के मिले। सभी सिक्कों को सरकारी खजाने में जमा कर दिया गया है। मजदूरों से पूछताछ जारी है।
मछलीशहर कजियाना मोहल्ले में पुराने जमाने के रईसों की हवेली थी। अब इस परिवार के लोगों का खंडहर ही बचा है। ऐसे ही एक मकान का हिस्सा एक गरीब परिवार ने ले रखा था। उसी जमीन के एक हिस्से में शौचालय की टंकी बनवाने के लिए खोदाई कराई गई। जिसमें ढाई फीट खोदने के बाद मजदूरों को तांबे के लोटे में सोने के सिक्के मिले।
सीओ अतर सिंह ने बताया कि खोदाई के दौरान कुछ पीली धातु मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर गई थी। पुलिस को 9 पीली धातु और दो सिक्कों को पिघलाकर एक बटन नुमा सिक्का मिला है। जिसे कब्जे में लेकर में लेकर 16 जुलाई को पुरातत्व विभाग को सूचित कर दिया गया है।