रहमतों और इबादतों का महीना रमजान शुरू हो गया। पहले रोजे पर अकीदत के साथ लोगों ने अल्लाह की इबादत की। ऐसा माना जाता है कि रमजान में हर इबादत का पुण्य 70 गुना बढ़ जाता है।
गुरुवार को रमजान का चांद दिखते ही बाजार में चहल पहल बढ़ गई। सुबह सहरी से लेकर सूर्यास्त तक कुछ खाने-पीने, बुराई से परहेज और अल्लाह की इबादत का नाम रोजा है।
गुरुवार की शाम फलक पर चांद नमूदार होते ही नमाजियों के चेहरे पर खुशी देखी गई। माहे रमजान का चांद दिखते ही मस्जिदों में तरावीह शुरू हो गई। गुरैनी मदरस, मछली शहर, मडियाहूं, रन्नो, खेतासराय, शाहगंज, केराकत, बदलापुर
आदि इलाकों की मस्जिद और मदरसों से भी रमजान शुरू होने का ऐलान किया गया। रोजा शुरू होने के साथ ही मस्जिदों की रौनक बढ़ गई। मस्जिदों की साफ-सफाई और रंगरोगन का काम पहले ही कर लिया गया है। तरावीह
पढ़कर रोजेदारों ने अल्लाह से अमन की दुआ की। पुरुषों ने मस्जिदों में तो महिलाओं ने घर में नमाज पढ़ी।
शिया और सुन्नी के पेश इमाम ने बताया कि रमजान का चांद दिखने के बाद शुक्रवार से रोजा रखने का ऐलान कर
दिया गया है। रमजान के चांद को लेकर सुबह से ही लोगों मे उत्सुकता देखी गई। पूरे दिन चांद को लेकर लोग बातें करते रहे। पहले से ही लोगों को इस बात का पूरा भरोसा था कि आज रमजान का चांद जरूरहोगा। इस नाते की 29
तारीख को चांद नहीं दिखा तो 30 को पक्का माना जा रहा था। रमजान की शुरुआत होते ही बाजार में चहल पहल बढ़ गई। हालांकि दूकानें तो हफ्तेभर पहले से सज गई थी और खरीदारी भी हो रही थी फिर भी रमजान की शुरुआत के दिन
लोग पूरे उत्साह के साथ बाजार पहुंचे। खजूर, मेवा, सेवईं, दूधफेनी, बिस्किट, पापड़ आदि की खरीदारी तेज हो गई है। पेश इमाम व खतीब शाही ईदगाह जौनपुर अलहाज सूफी शाह मौलाना जफर अहमद सिद्दीकी व नासिरिया अरबी कालेज के प्रिंसिपल मौलाना महफुजुल हसन ने बताया कि चांद हो गया। पहला रोजा शुक्रवार से शुरू होगा।