क्षेत्र के कुरनी गांव में मारपीट में घायल रामआसरे की पत्नी सुमित्रा देवी (45) की मौत के बाद परिवार के लोग गुरुवार को हाईवे पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया।
सूचना पर पहुंचे एसडीएम मछलीशहर वीवी सिंह ने लोगों को समझा बुझाकर रास्ता साफ कराया। इस दौरान तीन घंटे तक आवागमन बाधित रहा।
मंगलवार को भूमि विवाद के चलते कुछ लोगों ने सुमित्रा की पिटाई कर कुल्हाड़ी से प्राण घातक हमला किया था। बुधवार को देर शाम वाराणसी के अस्पताल में इलाज के दौरान सुमित्रा की मौत हो गई।
मौत के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर समाधगंज बाजार में जाम लगा दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्राण घातक हमले के बाद भी पुलिस ने मुकदमा कायम न करके एनसीआर दर्ज कर दिया था। महिला की मौत के बाद शव लेकर परिवार के लोग बुधवार की रात में थाने पर पहुंचे जहां उन्होंने हत्या में केस
परिवर्तित करने की मांग की। लेकिन पुलिस ने अनसुना कर दिया। इसके बाद शव लेकर लोग घर चले गए। गुरुवार को जाम लगा दिया। एसडीएम ने किसी तरह जाम समाप्त कराया।
इसके बाद पुलिस भी सक्रिय हुई और हत्या का केस दर्ज करते हुए जयनाथ गौतम, जोखन, विजयनाथ और धन्नी को गिरफ्तार किया । एसओ सिकरारा विनोद यादव ने बताया कि मारपीट के बाद एनसीआर दर्ज किया गया था। महिला की मौत के बाद उसे प्राण घातक हमला और हत्या में परिवर्तित कर दिया गया।