डोभी के मनियारेपुर गांव निवासी पिता-पुत्र की मौत के बाद रोते घर वाले।
कानपुर के पास हुए ट्रेन हादसे में जौनपुर जिले के मरने वाले लोगों की संख्या सात हो गई है। चंदवक थाना क्षेत्र के मनियारेपुर गांव के पिता-पुत्र की भी मौत हो गई। अभी तक छह साल की बच्ची समेत तीन का पता नहीं चल सका है। छह शवों का सोमवार को अलग अलग घाटों पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
घटना से गांवों में मातम छा गया है। ट्रेन हादसे में मौत के शिकार हुए जिले के सात लोगों में चार चंदवक थाना क्षेत्र के हैं। रविवार की देर रात तक चार लोगों के मरने की पुष्टि हुई थी। बाद में पता चला कि मनियारेपुर गांव निवासी रवींद्र पांडेय (38) और उनके आठ वर्षीय पुत्र ऋषभ की मौत हो गई।
जबकि रवींद्र की पत्नी का अभी तक पता नहीं चल सका है। पिता-पुत्र का शव सोमवार को दोपहर गांव आया तो मातम छा गया। जो जहां सुना वह मनियारेपुर गांव पहुंच गया। चंदवक इलाके के ही कछवन गांव निवासी सत्येंद्र सिंह व उनकी पत्नी हीरा सिंह का भी शव सोमवार को गांव पहुंचा।
चारो शवों का गाजीपुर के औड़िहार के समीप गंगा किनारे अंतिम संस्कार कर दिया गया। उधर सरपतहा थाना क्षेत्र के खेतापुर गांव निवासी अजय सिंह का शव लेकर उनका बेटा अतुल, भाई अरविंद और संजय कानपुर से सीधे इलाहाबाद पहुंचे जहां अंतिम संस्कार कर दिया गया।
परिवार की अन्य महिलाएं और पुरुष अस्पताल में भर्ती सत्येंद्र की पत्नी आभा सिंह के साथ कानपुर अस्पताल में हैं। घर पर सिर्फ बुजुर्ग हैं।बक्शा के चितौड़ी गांव निवासी पूनम के शव का भी इलाहाबाद में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इंदौर से सीधे घटना स्थल पर पहुंचे पूनम के पति शिवाकांत तिवारी शव को लेकर सीधे इलाहाबाद पहुंचे।
परिवार के लोग भी घर से इलाहाबाद पहुंच गए जहां शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। चाची के साथ सफर कर रही प्रतिभा (6) का दूसरे दिन भी पता नहीं चल सका है। सिरकोनी के गोपीपुर निवासी धर्मेंद्र चतुर्वेदी की 11 पुत्री वर्षीय पुत्री खुशी की हादसे में मौत हो गई जबकि पिता का पता नहीं चला। कानपुर पहुंचे परिजनों ने खुशी की मौत की पुष्टि की।