सद्भावना पुल के पासा पेट्रेल डीजल व रसोईं गैस मूल्यवृद्धि के विरोध में सिलेण्डर लेकर प्रदर्शन क?
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जौनपुर। बेतहाशा बढ़ती महंगाई के विरोध में बुधवार को व्यापारियों ने पैदल मार्च निकाला। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष श्रवण जायसवाल के नेतृत्व में प्रदर्शन में शामिल व्यापारियों ने पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग की। व्यापारी नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट की तरफ बढ़ रहे थे। नगर मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पुल पर ही रोक लिया। यहां पुलिस के साथ नोकझोंक के बाद प्रदर्शनकारी सद्भावना पुल पर ही धरने पर बैठ गए। प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बचाव के बाद किसी तरह मामला शांत हुआ।
इसके बाद व्यापारियों ने नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से पेट्रोलियम पदार्थ के दामों में कमी लाने, पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग की। जिलाध्यक्ष ने कहा कि वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री मांगों को मान लेंगे तो पेट्रोलियम पदार्थों से निर्मित उत्पादों की कीमत में 25 प्रतिशत तक की कमी आ जाएगी। जीएसटी में 28 प्रतिशत अधिकतम दर लगाई गई है। केंद्र सरकार आम आदमी की समस्या से बेखबर है। प्रधानमंत्री ने जीएसटी का कानून बनते समय एक देश एक टैक्स का नारा दिया था, लेकिन अब सरकार अपना वादा भूल गई। युवा जिलाध्यक्ष संजीव साहू और नगर महामंत्री अमरनाथ मोदनवाल ने कहा कि सरकार व्यापारियों का शोषण कर रही है। इस अवसर पर दिनेश यादव फौजी, मनोज साहू, जीशान खान, अशफाक अंसारी, शशि सेठ, रियाजुद्दीन अलवी, अमर बहादुर सेठ, रेहान अहमद, आदिल कुरैशी, शमीम अहमद आदि रहे।