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Jaunpur News: छठी मइया को प्रसन्न करने के लिए इन फलों का भोग लगाना जरूरी

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शाहगंज। छठी मइया को प्रसन्न करने के लिए फलों का भोग भी लगाया जाता है। इसके लिए महिलाएं श्रद्धा भाव के साथ पूजन व व्रत करतीं हैं। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को छठ पर्व मनाया जाता है। इस बार छठ पर्व की पूजा 19 नवंबर की शाम डूबते सूर्य व 20 नवंबर को उदीयमान सूर्य को अर्ध्य देकर पर्व मनाया जाएगा। इस पर्व में कई अलग-अलग तरह के फलों से थाली सजेगी।
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छठ के पर्व में महिलाएं और व्रती 36 घंटे लंबा व्रत करते हैं। ज्योतिषाचार्य पंकज पांडेय के अनुसार शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को नहाय-खाय से छठ पर्व की शुरुआत हो जाती है। छठी मइया को तरह-तरह प्रसाद और फलों के भोग लगाए जाते हैं। तो चलिए जानते हैं कि छठी मइया को प्रसन्न करने के लिए किन फलों का भोग लगाना होता है।
डाभ :-छठ की पूजा में डाभ नींबू अवश्य अर्पित किया जाता है। यह सामान्य नींबू से बड़ा होता है। स्वाद में भी यह खट्टेपन के साथ मीठा भी होता है। इस फल तो शुद्ध माना जाता है इसलिए छठी मइया को प्रसाद में डाभ चढ़ाते हैं।
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केले का प्रसाद :-केले के वृक्ष को बहुत ही पवित्र माना जाता है। इसलिए छठ में छठी मइया के केला भी चढ़ाया जाता है। कोई पक्षी उसे झूठा न करें इसलिए कच्चे केले को पहले ही घर पर लाकर पका लिया जाता है। तब उसे छठी माता को अर्पित करते हैं।
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नारियल :-छठ के त्योहार में पानी वाला नारियल चढ़ाने का बहुत महत्व माना गया है। नारियल को शुद्ध फल माना जाता है क्योंकि इसकी सतह बहुत सख्त होने के साथ यह ऊंचाई पर लगता है, जिसकी वजह से पशु-पक्षी इसे झूठा नहीं कर पाते हैं। नारियल को मां लक्ष्मी का प्रतीक भी माना जाता है।
सुथनी फल :-ये फल मिट्टी से निकलता है। यह देखने और स्वाद में शकरकंदी की तरह लगता है। इस फल को बहुत ही शुद्ध माना जाता है, इसलिए छठी मइया की पूजा में यह फल अर्पित किया जाता है।
गन्ना :-छठ पूजा में गन्ना चढ़ाने का भी बहुत महत्व माना जाता है। लोग गन्नों के हरे हिस्से समेत ऊपर की ओर से बांधकर घर की आकृति बनाते हैं, फिर उस जगह पर पूजा की जाती है। माना जाता है कि गन्ने से छठी मइया प्रसन्न होती हैं और घर में सुख समृद्धि लाती है।
जल सिंघारा या सिंघाड़ा :-
यह फल तालाब में एक बेल में लगता है। खाने में इसका स्वाद मीठा रहता है। ऊपर से इसकी सतह बहुत सख्त होती है। जिसके कारण कीट आदि इसे झूठा नहीं कर पाते हैं। इसलिए इस फल को शुद्ध माना जाता है। छठ की पूजा में सिंघारा भी चढ़ाया जाता है।
पूजा की सुपारी :-हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के काम में सुपारी का खास महत्व होता है। सुपारी के बिना पूजा अनुष्ठान अधूरा माना जाता है। छठ पूजा में भी सुपारी का प्रयोग अवश्य किया जाता है।
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