जौनपुर। कोरोना के संकट से लोग अभी उबर भी नहीं पाए थे कि अब टिड्डी दल ने नई परेशानी खड़ी कर दी है। बुधवार को टिड्डियों के चार दल जिले में प्रवेश कर गए। जमीन से डेढ़ सौ फीट ऊंचाई पर चल रहा टिड्डी दल एक से दो किमी लंबे और 500 मीटर तक चौड़ाई में है। कृषि विभाग के मुताबिक दो दल शाम तक जिले की सीमा से बाहर जा चुके थे। अन्य दो दलों को लोकेशन लेकर उन्हें भगाने की कोशिश की जा रही है। उधर, टिड्डी दल के प्रवेश के बाद किसानों की चिंता बढ़ गई है। फसलों की सुरक्षा को लेकर वह परेशान हो गए हैं।
टिड्डी दल का प्रवेश बुधवार की सुबह सबसे पहले रामपुर की तरफ से हुआ। दो सौ मीटर लंबाई और आधे किमी की चौड़ाई में यह दल रामपुर से रामनगर, मड़ियाहूं होते हुए वाराणसी की सीमा में प्रवेश कर गया। दूसरा दल प्रयागराज से मुंगराबादशाहपुर के रा स्ते जिले में आया। यह मछलीशहर, बरईपार, सिकरारा होते हुए बदलापुर की ओर बढ़ गया। यह दल दो किमी लंबा और आधे किमी चौड़ाई में था। बाद में इसी में से छोटे-छोटे दो दल और बढ़ गए, जो बक्शा और करंजाकला इलाके में देखे गए। इनका दायरा 700 मीटर लंबा था।
आसमान में हजारों की तादाद में टिड्डियों को देख किसान सकते में आ गए। आनन-फानन में वह घरों के बाहर थाली, ढोलक, ताली सहित अन्य माध्यमों से शोर मचाते हुए उन्हें भगाने में जुट गए। कई स्थानों पर टिड्डियों ने नीचे उतरकर फसलों पर भी हमला किया। कई जगह उन्हें देख बाहर खेल रहे बच्चे घरों में दुबक गए। बरईपार के किसान रामचरित्र यादव ने बताया कि काफी ऊंचाई पर लगभग एक किमी के क्षेत्रफल में टिड्डियों का दल उड़ रहा था। मुकुंदीपुर, टिकरा, शाहपुर में फसल देख नीचे आया, मगर हवा के कारण वह आगे बढ़ गए। दिनेश कुमार यादव ने बताया कि वह बाजार से लौट रहा था। मुकुंदीपुर भट्ठे के पास जब दल नीचे आया तो अंधेरा छा गया।