असवारा गांव में बासी खाना खाने और दूषित पानी पीने से 24 घंटे के अंतराल पर तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 82 लोग उल्टी-दस्त से पीडि़त हैं। इनमें 22 की हालत गंभीर है।
इन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अन्य 60 लोगों का उपचार मुफ्तीगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। इस घटना से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। डाक्टरों की टीम गांव में कैंप कर रही है।
लोगों को दवाएं दी जा रही हैं। जिस कुएं का पानी लोगों को पिलाया गया था, उसमें भी दवा डाली गई है। मुफ्तीगंज के असवारा गांव के गुलाब गुप्ता के घर दो सितंबर की शाम ब्रह्मभोज था। गांव के लोगों ने यहां खाना खाया था।
बचा हुआ खाना दलित बस्ती के लोग घर ले गए। अधिकतर ने दूसरे दिन बासी खाना भी खाया। ब्रह्मभोज में कुएं का पानी पिलाया गया था।
तीन सितंबर की सुबह दलित बस्ती के रामवृक्ष की बेटी अनामिका (10) उल्टी-दस्त से पीडि़त हो गई। स्थानीय चिकित्सक के यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
अगले दिन शुक्रवार को बस्ती के 30 लोग उल्टी-दस्त से पीडि़त हो गए। सभी को आधी रात में सीएचसी लाया गया। पीडि़तों का उपचार चल ही रहा था कि शनिवार की सुबह गुड्डू के 10 वर्षीय पुत्र रामा की भी मौत हो गई, जबकि जिला
अस्पताल रेफर किए गए रामलोचन यादव (60) ने भी दम तोड़ दिया। उधर, गांव में एक-एक कर लोग बीमार पड़ने लगे। कुल 82 लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। वहां से 22 की हालत गंभीर देख उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
सूचना मिलने पर सीएमओ डा. डीके यादव डाक्टरों की टीम लेकर असवारा गांव पहुंचे। बीमार लोगों को अस्पताल लाने के लिए चार एंबुलेंस लगाई गईं।
प्राथमिक विद्यालय और दलित बस्ती में कैंप लगाकर ग्रामीणों को दवा वितरित की गई। सीएमओ ने सीएचसी में भर्ती पीडि़तों का भी हालचाल लिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम अब भी गांव में कैंप कर रही है।