जौनपुर। लॉक डाउन का दूसरा चरण खत्म होने से महज पांच दिन पहले जिले में बुरी खबर आई है। कोरोना के तीन नए मरीज मिले हैं। इनमें दो बदलापुर तहसील क्षेत्र के निवासी हैं, जो 24 अप्रैल को मुंबई से आए थे। तीसरा मरीज जलालपुर क्षेत्र में मिला है। वह दस दिन पहले वाराणसी से साइकिल से घर आया था। स्वास्थ्य विभाग ने तीनों पॉजीटिव मरीज को वाराणसी के पंडित दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय भेज दिया है। संबंधित गांवों को सील करते हुए सैनिटाइजेशन शुरू करा दिया गया है। तीनों मरीजों के संपर्क में आए लोगों की तलाश की जा रही है। जिले में अब कोरोना मरीजों की संख्या 8 हो गई है, जिसमें चार स्वस्थ्य होकर अस्पताल से लौट चुके हैं।
मुंबई के कांदीवली क्षेत्र में ऑटो रिक्शा चलाने वाले बदलापुर तहसील क्षेत्र के एक गांव के नौ लोग ट्रक में बैठकर 24 अप्रैल को गांव पहुंचे थे। प्रधान ने सक्रियता दिखाते हुए सभी को बदलापुर सीएचसी भेजवा दिया था। वहां स्वास्थ्य परीक्षण के बाद सैंपल लेकर सभी को सल्तनत बहादुर पीजी कॉलेज में बने क्वारंटीन सेंटर में रख दिया गया था। मंगलवार को उनके सैंपल की रिपोर्ट आई, जिसमें दो लोग कोरोना पॉजीटिव मिले हैं। वहीं, जलालपुर थाना क्षेत्र के एक गांव का 48 वर्षीय एक शख्स वाराणसी के चेतगंज इलाके में सिलाई का काम करता था। वहीं बगल के हबीबपुरा मुहल्ले में रहता था। 18 अप्रैल को साइकिल चलाकर वह घर आ गया। चार दिन गांव में रहने के बाद जानकारी होने पर प्रधान और आशा ने सूचना सीएचसी पर दी। गांव पहुंचकर स्वास्थ्य टीम उसे नेहरुनगर सीएचसी ले गई थी। 23 अप्रैल को उसका सैंपल जांच के लिए भेजा गया। पॉजीटिव रिपोर्ट आने के बाद प्रशासनिक अफसरों ने गांव पहुंचकर पूरे गांव को सील करा दिया। पूरे गांव को सैनिटाइज कराया जा रहा है। सीएमओ डॉ. रामजी पांडेय ने बताया कि तीनों पॉजीटिव मरीजों को वाराणसी भेज दिया गया है। उनके संपर्क में आए अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। उनके सैंपल की भी जांच कराई जाएगी। गांवों में डोर-टू-डोर स्वास्थ्य परीक्षण के लिए टीम का गठन किया गया है।
मरीज जलालपुर में खोज रहे थे बदलापुर
जौनपुर। मंगलवार को तीन संदिग्धों की रिपोर्ट पॉजीटिव आई। इसमें दो बदलापुर के थे। तीसरे मरीज के नाम वाले ही एक संदिग्ध का सैंपल बदलापुर से भी लिया गया था। लिहाजा रिपोर्ट आने के बाद काफी देर तक विभाग यही मानता रहा कि तीसरा मरीज भी बदलापुर का ही है। गांव के प्राथमिक विद्यालय में क्वारंटीन में रखे गए संदिग्ध को लाने जब एंबुलेंस पहुंची तो उसे देख पशोपेश में पड़ गई। रिपोर्ट में मरीज की उम्र 48 वर्ष थी, जबकि विद्यालय में मौजूद संदिग्ध महज 22 वर्ष का था। स्वास्थ्य टीम ने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी। दोबारा रिकार्ड मिलान किया गया तो सच्चाई सामने आई। जिस सैंपल की रिपोर्ट आई, वह 23 अप्रैल को लिया गया था, जबकि बदलापुर में युवक का सैंपल 24 को भेजा गया। स्थिति स्पष्ट होने के बाद तत्काल स्वास्थ्य टीम और पुलिस-प्रशासन के अफसर जलालपुर रवाना हो गए। गांव को सील कराकर सैनिटाइजेश का कार्य शुरू किया गया।