सिकरारा। थाना क्षेत्र के डमरूआ गांव में शुक्रवार की देर रात शराब के नशे में दो सगे भाइयों के बीच हुए विवाद में धक्का लगने से बड़े भाई प्रेमचंद चौहान (50) जमीन पर गिर पड़े। ईंट से सिर टकराने से गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें सीएचसी मछलीशहर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सिकरारा थाना प्रभारी वीएन प्रताप सिंह ने बताया कि डमरूआ गांव निवासी प्रेमचंद चौहान (50) और उनके छोटे भाई सूरज चौहान (28) ने शुक्रवार की देर रात करीब 12:30 बजे साथ बैठकर शराब पी थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर धक्का-मुक्की शुरू हो गई। आरोप है कि इसी दौरान सूरज ने प्रेमचंद को धक्का दिया, जिससे वह गिर पड़े और उनका सिर पास में पड़ी ईंट से टकरा गया। सिर में गंभीर चोट लगने पर परिजन उन्हें उपचार के लिए सीएचसी मछलीशहर ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इधर, घटना की सूचना मिलते ही सिकरारा पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक की पत्नी संगीता चौहान की तहरीर के आधार पर आरोपी देवर सूरज के खिलाफ गैर इरादतन हत्या से संबंधित धारा में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया। वहीं, पोस्टमार्टम के बाद छोटा बेटा मुन्ना शुक्रवार को देर शाम गोमती नदी के राम घाट पर पिता का अंतिम संस्कार किया। उधर, पुलिस घटना के बाद से भागे आरोपी की तलाश करने में जुटी हुई है।
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आबादी की जमीन के लिए चार दिन पहले हुआ था विवाद
ग्राम प्रधान अरुण सरोज के अनुसार प्रेमचंद का अपने छोटे भाई से आबादी की जमीन का पुराना विवाद चल रहा है। जमीन के लिए दोनों के बीच चार दिन पहले कहासुनी हो गई थी। इस विवाद को आपसी सुलह समझौते के आधार पर सुलझा दिया गया था। बृहस्पतिवार की शाम भी दोनों नशे में झगड़ा किए थे। इस दौरान भी पड़ोसियों ने उनका झगड़ा खत्म कराया था।
मुंबई में रहकर प्राइवेट फैक्ट्री में काम करते थे प्रेमचंद
ग्राम प्रधान अरुण सरोज ने बताया कि प्रेमचंद चौहान अपने दो पुत्रों के साथ मुंबई में रहकर प्राइवेट फैक्ट्री में काम करते थे। 10 दिन पहले ही वो मुंबई से घर आए थे। उनके चार भाई और चार बहनें हैं।
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गोवा रहता था सूरज, 6 माह पहले आया था घर
सूरज चौहान भाइयों में सबसे छोटा है। उसकी शादी हो चुकी है। सूरज चौहान गोवा रहकर प्राइवेट काम करता था। लगभग 6 महीने पहले ही वो गांव आया है।