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लोक अदालत में दुर्घटना के मुकदमे निपटाने पर नहीं होगी एफडी

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ट्रिब्यूनल में 13 अगस्त को होने वाली लोक अदालत में ज्यादा से ज्यादा मुकदमों के निस्तारण को लेकर प्रिंटिंग की गई। पीठासीन जज भूदेव गौतम, अधिवक्ता हिमांशु श्रीवास्तव व राना प्रताप सिंह ने वर्षों से चल रहे कुछ मामलों में दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मुकदमा का निस्तारण कराया। जिससे याची गण को लाखों रुपए क्षतिपूर्ति मिलेगी। ट्रिब्यूनल जज भूदेव गौतम ने अधिवक्ताओं व वादकारियों को बताया कि यदि दोनों पक्ष कार सुलह से मुकदमों का निस्तारण लोक अदालत में कराएंगे तो संपूर्ण धनराशि उन्हें एक ही बार में चेक के जरिए मिल जाएगी। फिक्स डिपाजिट नहीं होगा। यह सुविधा केवल लोक अदालत के लिए रहेगी। मुकदमा के निस्तारण के बाद आदेश की कॉपी इंश्योरेंस कंपनी को तत्काल दे दी जाएगी, जिससे वे कंपनी में भेज कर धनराशि अधिकरण में जल्द से जल्द जमा कर सकें। पहले मुकदमों के निस्तारण पर क्षतिपूर्ति की धनराशि का काफी हिस्सा पक्षकारों के नाम पर फिक्स डिपाजिट हो जाता था बकाया धनराशि चेक के जरिए मिलती थी, लेकिन लोक अदालत में मुकदमा निस्तारण पर फिक्स डिपाजिट की व्यवस्था खत्म कर दी गई है। जिससे याचीगण तत्काल पूरे पैसे का इस्तेमाल कर सकेंगे। यह जानकारी होने पर ज्यादा संख्या में पक्षकार भी लोक अदालत में मुकदमों के निस्तारण में रुचि ले रहे हैं। उधर एसपी ने भी ट्रिब्यूनल जज के आदेश का अनुपालन करते हुए समस्त क्षेत्राधिकारियों व थानाध्यक्षों को मोटर दुर्घटना से जुड़ी चार्जशीट कोर्ट में दाखिल करने का निर्देश दिया जिसका अनुपालन प्रारंभ हो गया है। प्रीमीटिंग में दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं ने अपने अपने विचार व्यक्त किए।
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