बदलापुर क्षेत्र के बिठुआकला में बंद पड़ा गेहूं क्रय केंद्र। संवाद
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जौनपुर। जिले में पहले दिन वृहस्पतिवार को छटांक भर भी गेहूं की खरीद नहीं हुई। वहीं कई केंद्र बंद रहे। कारण की कई सचिवों की ड्यूटी ब्लाक पर नो डयूज देने के लिए लगाई गई है, जिससे वे वहां नहीं पहुंच पाए। वहीं अभी जिले में गेहूं की मड़ाई ने भी रफ्तार नहीं पकड़ी है।
किसानों को गेहूं बेचने में दिक्कत का सामना न करना पड़े। वे औने-पौने दाम पर आढ़तियों को गेहूं बेचने को विवश न हों, इसके मद्देनजर जिले में तीन एजेंसियों के 110 गेहूं क्रय केंद्र खोले गए हैं। इन क्रय केंद्रों पर वृहस्पतिवार से गेहूं खरीद शुरू करनी थी। इसमें खाद्य विभाग के 25, पीसीएफ के 84 और एफसीआई का एक क्रय केंद्र शामिल है। हालांकि पहले दिन एक भी क्रय केंद्र ने गेहूं नहीं खरीदा। सहकारी सीमित विठुआकला सहित कई क्रय केंद्र बंद भी रहे। सूत्रों की मानें तो कई सचिवों की ड्यूटी नोड्यूज बनाने के लिए ब्लाकों पर लगाई गई है, जिससे केंद्र नहीं खुल पाए थे। वहीं गेहूं खरीद नहीं होनें के पीछे गेहूं की मड़ाई भी कम होनी है। कृषि विभाग की मानें तो अभी तक महज 20 फीसदी गेहूं की मड़ाई का कार्य हुआ है, जबकि जिले में दो लाख 12 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बोआई हुई थी। जिला खाद्य विपणन अधिकारी, महेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पहले दिन गेहूं की खरीद शून्य रही। इसका कारण गेहूं की मड़ाई कम होना है। वैसे सभी क्रय केंद्र खुले रहे। कई सचिवों की ड्यूटी ब्लाकों पर नोड्यूज बनाने के लिए लगी है, लेकिन वे भी क्रय केंद्र खुले रहे।