जब उस रास्ते पर लगे दर्जनों सीसी कैमरे को चेक किया गया तो साइकिल से ही छात्रा चंदवक की तरफ जा रही थी। जब कड़ाई से छात्रा से पूछा गया तो उसने बताया कि मम्मी- पापा के डर से हमने यह सब कहानी बनाई और उसी के निशानदेही पर ही मुढ़ैला हाईवे पर स्थित घरों के पास से छात्रा के बताने के आधार पर ही पुलिस ने साइकिल बरामद कर ली। वहीं स्कूल बैग को छात्रा ने नदी में फेंक दिया।
इस मामले पर लड़की के पिता राजीव सरोज तथा माता बेबी सरोज से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पुलिस की इस खुलासे से वो संतुष्टि नहीं हैं। मामला दिन का था और उनकी बेटी की साइकिल पुलिस के द्वारा जहां से बरामद की गई वहां घर है और लोग रहते हैं। क्या किसी ने एक्सीडेंट होते नहीं देखा। जबकि पुलिस का कहना है कि बच्ची को किसी वाहन से चोट लगी है, हालांकि देखने से स्पष्ट लगता है कि इतना पतला चोट धारदार हथियार या ब्लेड से किया गया है। बच्ची किस दबाव में में बयान बदल रही है। हमे नहीं पता, मेरे बच्ची के साथ कुछ ना कुछ तो घटना हुई है।
बच्ची के पिता राजीव सरोज ने बताया कि उन्होंने व भाजपा के क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक समेत समस्त अधिकारियों को 24 घंटे के अंदर घटना का खुलासा करने की चेतावनी दी थी। अन्यथा की स्थिति में अगले दिन थाना घेरने की बात कही गई थी। इसी चेतावनी को लेकर पुलिस ने मामले को खोलकर लोगो को संतुष्ट करने का प्रयास किया है।
छात्रा परिजनों से नाराज थी। अपनी मर्जी से घर छोड़ कर गई थी। ऐसे कई साक्ष्य बरामद हुए हैं। फिलहाल छात्रा पूरी तरह से सुरक्षित है और परिजनों के साथ है।
-डॉ. अजय पाल शर्मा, पुलिस अधीक्षक