ताउते तूफान के दौरान अरब सागर में डूबे जहाज पर सवार जौनपुर शहर के नईगंज निवासी सूरज चौहान (22) का शव शनिवार की देर शाम घर पहुंचा। शव देखते ही परिजन लिपट पड़े। परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। सिर पर शादी का सेहरा सजने से पहले ही जवान बेटे की मौत ने बूढ़े मां-बाप को झकझोर दिया है।
नईगंज निवासी संतलाल चौहान के छोटे पुत्र सूरज मर्चेंट नेवी में तैनात थे। 17 मई को ताउते तूफान में सूरज का जहाज भी डूब गया था। इसके बाद से वह लापता थे। तीन दिन बाद उनकी लाश गुजरात के बलसाड़ के पास मिली। वहां से शव बाहर निकालने पर मुंबई ले जाया गया। वहां शिनाख्त के बाद सूचना सूरज के घरवालों को दी गई थी। इसके बाद से परिवार के लोग शव घर आने का इंतजार कर रहे थे।
शनिवार को चचेरे भाई रामपाल कुछ अन्य साथियों के साथ शव लेकर देर शाम जौनपुर पहुंचे। यहां बेटे का शव देखते ही मां किसमती देवी और पिता संतलाल बेहाल हो गए। रो-रोकर उनका बुरा हाल है। सूरज के बड़े भाई सिकंदर घर पर ही रहकर कंस्ट्रक्शन का काम करता है। करीब छह माह पहले सूरज घर आए थे। जून में उनकी शादी होनी थी। अभी तिथि तय नहीं हुई थी। पिता ने बताया कि सूरज एक जून को घर आने के लिए कहकर गया था। इसी आधार पर शादी की तैयारी शुरू की गई थी। तिथि तय होने से पहले ही बेटे की जान चली गई।