अरब सागर के तूफान में 17 मई को डूबे जहाज पर सवार जौनपुर जिले के मितावा गांव के संतोष यादव का दस दिनों बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है। बाहर निकाले गए शवों व घायलों से पहचान के लिए संतोष के पिता का डीएनए सैंपल भी लिया गया, इसके बावजूद निराशा हाथ लगी है। संतोष के लापता होने से माता-पिता और उसकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।
दो वर्ष पूर्व मितावा गांव निवासी संतोष यादव (35) की जहाज पर इलेक्ट्रीशियन के पद पर तैनाती हुई। हाल ही में आए तूफान में फंस कर उनका जहाज समुद्र में समा गया। इसके बाद से ही संतोष लापता हैं। इसकी सूचना पर पत्नी सुनीता यादव अपने भाई तेजी बाजार गैरी निवासी सुभाष यादव व 12 वर्षीय बेटे दिव्यांशु के साथ मुंबई रवाना हो गई थीं।
वहां पहुंचने के बाद जेजे हास्पिटल में पहुंचकर शवगृह व अस्पताल में भर्ती लोगों में पति को खोजती रहीं। काफी प्रयास के बाद भी संतोष का पता नहीं चला। इसके बाद पिता मथुरा प्रसाद भी मुंबई गए। 24 मई को उनका डीएनए सैंपल लिया गया। इसके आधार पर भी संतोष का कुछ पता नहीं चल सका है।