दो साल से दिसंबर के पहले सप्ताह में सर्दी सामान्य तरीके से पड़ रही है। दिन में तेज धूप और हवाएं चल रही हैं। तेज धूप लोगों को गर्मी का अहसास करा रही है। घरों में अब भी रात में एक कंबल पर लोगों को पंखे चलाने पड़ रहे हैं। लोग हॉफ जैकेट और स्वेटर में ही घूम रहे हैं। वजह कि अधिकतम तापमान जहां 25 पर है तो न्यूनतम भी 20 डिग्री सेल्सियस के पास है। हालांकि शनिवार को तापमान में थोड़ी गिरावट जरूर दर्ज की गई।
दिसंबर में अक्सर तापमान छह से सात डिग्री सेल्यियस के पास रहता है। इस बार की ठंड ने अब तक असर नहीं दिखाया है। इसका परिणाम है कि दिसंबर में दिन में तेज धूप के कारण गर्मी का अहसास हो रहा है। लोगों ने अब तक अपने फुल स्वेटर और जैकेट नहीं निकाले हैं। साथ ही कहीं अलाव नहीं जलता दिख रहा है। मौसम के जानकारों की मानें तो भूमध्य-रेखीय प्रशांत क्षेत्र पर तटस्थ अलनीनो परिस्थितियों के जारी रहने और ला-निना स्थिति में परिवर्तित न होने के कारण तापमान सामान्य से नीचे जाने के लिए अनुकूल भौगोलिक परिस्थितियों का अभाव है। वहीं पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के अभाव में पश्चिमी हिमालयीय क्षेत्रों में बर्फबारी में भी भारी गिरावट आई है। शीतलहर के दिनों की संख्या में औसतन 2-3 दिन की कमी आने की संभावना है।