शाहगंज तहसील सभागार में शनिवार को डीएम डॉ. दिनेश चंद्र की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में पहुंचे कोपा गांव निवासी दोनों आंखों से अंधे राम नयन ने वसीयत के संबंध में पत्रक सौंपा। हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाते हुए बोले- साहब 15 वर्षों से वसीयत चढ़वाने के लिए तहसील का चक्कर लगा रहा हूं फिर भी मेरे नाम पूरी जमीन की वसीयत नहीं चढ़ी। समाधान दिवस में कुल 121 शिकायतें मिलीं, जिनमें से मौके पर 13 का ही निस्तारण हो सका। समाधान दिवस पर ज्यादा मामले वसीयत, राशन कार्ड और सड़क से संबंधित थे।
मलहज निवासी पिंकी ने प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि 2017 में उसके ससुर की मौत के बाद उनके छोटे भाई महादेव ने कूटरचित तरीके से सारी संपत्ति की वसीयत अपने नाम से करा ली। मृतक के पांच बेटे हैं। इसे लेकर तहसील दिवस पर कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक वसीयत मृतक के पांचों पुत्रों के नाम नहीं हो सकी।
अर्गूपुरकला गांव निवासी विधवा अंजना देवी ने प्रार्थना पत्र में बताया कि 12 वर्ष पूर्व उनके पति का निधन हो गया था। घर की देखरेख और भरण पोषण करने वाला कोई नहीं है। आरोप है कि 15 बार तहसील दिवस पर अंत्योदय कार्ड बनवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन सप्लाई विभाग और कोटेदार ने आज तक हमारा राशनकार्ड नहीं बनाया गया। महिला ने राशन कार्ड बनवाने के लिए जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई।
इस मौके पर एसपी डाॅ. अजय पाल शर्मा, सीएमओ डाॅ. लक्ष्मी सिंह, एसडीएम राजेश कुमार चौरसिया, एसडीएम न्यायिक गरिमा जायसवाल, तहसीलदार आशीष कुमार सिंह, सीएचसी अधीक्षक डाॅ. रफीक फारुकी आदि मौजूद रहे।
मछलीशहर : जॉइंट मजिस्ट्रेट कुमार सौरभ की अध्यक्षता में तहसील सभागार में 162 शिकायती प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिसमें चार का निस्तारण हुआ। भूमि संबंधित शिकायतों की अधिकता रही।
मड़ियाहूं : उप जिलाधिकारी कुणाल गौरव की अध्यक्षता में कुल 84 शिकायती प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 10 का ही मौके पर निस्तारण किया गया।