भंडारी स्टेशन के मुख्य द्वार से बेरोकटोक निकलते लोग।
आतंकी घटनाओं को देखते हुए रेलवे प्रशासन अभी तक सचेत नही हुआ है। पूरे देश में हाई एलर्ट कर दिया गया है, लेकिन जौनपुर के किसी भी रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा के कोई इंतेजाम नही दिखाई देते। एक लाइव डिटेक्टर मशीन थी वह भी खराब है। सीसीटीवी कैमरे का कोई इंतेजाम नही हैं।
स्टेशन पर कोई भी जब चाहे बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है। आरपीएफ और जीआरपी के सिपाही थाने और चौकी पर ही बैठे रहते हैं। स्टेशन पर पेट्रोलिंग कोई भी सिपाही नही निकलता। कश्मीर के उड़ी स्थित सेना के कैंप पर आतंकी हमले के बाद से पूरे देश में हाई एलर्ट जारी कर दिया गया है।
इसके बावजूद रेलवे प्रशासन सिर्फ खानापूर्ति कर बैठ गई। जौनपुर के भंडारी, सिटी, जफराबाद, शाहगंज, मुंगराबादशाहपुर स्टेशनों से दिल्ली-कोलकाता, पटना जाने वाली करीब 50 ट्रेने हैं। 25 से 30 ट्रेनों का यहां पर स्टापेज भी है। स्टेशन पर कोई सुरक्षा की व्यवस्था नही होने के कारण ट्रेनों या स्टेशनों पर बड़ी घटना को अंजाम दिया जा सकता है।
स्टेशन के निकास द्वार पर कोई भी सिपाही कभी तैनात नही रहता। एक लाइव डिटेक्टर मशीन थी वह भी खराब पड़ा था जिसे विभाग ने लखनऊ मुख्यालय पर मंगा लिया। स्टेशन की सुरक्षा और दलालों से मुक्ति पाने के लिए रेल मंत्रालय ने निर्भय फंड से सीसी कैमरा लगाने के लिए प्रस्ताव मांगा था।
आरपीएफ ने भंडारी स्टेशन के लिए करीब 30, सिटी के लिए 20 और शाहगंज के 25 सीसी कैमरें लगाए जाने का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन वह भी ठंडे बस्ते में चला गया। इस संबंध में आरपीएफ इंस्पेक्टर आरपीएफ भंडारी अवतार सिंह ने बताया कि सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया गया है। सीसीटीवी लगाने के लिए प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा गया है।