मनरेगा के तहत शुरू से अबतक हुए कार्यों के जिओ टैगिंग में फिसड्डी निकले जिले के पांच ब्लाकों के बीडीओ और एपीओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही उनका वेतन रोक दिया गया है। मनरेगा के कार्यों में गड़बड़ी रोकने के लिए केंद्र सरकार जिओ टैगिंग करा रही है। इसके तहत इंडियन रिमोट सेंसिंग सेटेलाइट तस्वीरें ली जा रही हैं जिसकी टैगिंग कराई जा रही है।
मनरेगा के तहत हुए कार्यों और जाबकार्ड धारकों को काम देने में होने वाली अनियमितता को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने सख्त रुख अख्तियार किया है। मनरेगा योजना के शुरू होने (वर्ष 2006-07) से अब तक कराए गए कार्यों का लेखा-जोखा जिओ टैगिंग करने का निर्देश दिया गया है। जिओ टैगिंग कार्य को संपादित कराने का दायित्व खंड विकास अधिकारी और एपीओ को दिया गया है। इस कार्य की जुलाई माह में हुई समीक्षा में पाया गया कि मनरेगा योजना में शुरू से लेकर अबतक कराए गए कुल एक लाख 37 हजार 290 कार्यों के मुकाबले अभी तक 58 हजार 314 कार्यों का जिओ टैगिंग किया गया है। अभी भी 88 हजार 976 कार्यों का जिओ टैगिंग होना बाकी है। जिले के पांच ब्लाक करंजाकला, बक्शा, खुटहन, केराकत व बदलापुर में काफी कम जिओ टैगिंग होना पाया गया। इन ब्लाकों के बीडीओ और एपीओ को कारण बताओ नोटिस देने के साथ ही वेतन रोका गया है।