शहर में अतिक्रमण विरोधी मुहिम कितनी कारगर साबित हो पा रही है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तमाम कोशिशों के बावजूद हालात जस की तस है। शहर के नखास मोहल्ले में बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी के
निरीक्षण के दौरान सड़कें खाली और चकाचक दिखीं, लेकिन उनके जाते ही गलियों में दूकानदारों का कब्जा हो गया।
शहर में जाम की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन का पूरा फोकस अतिक्रमण पर है। यही वजह है कि पिछले तकरीबन
छह महीने से शहर में सड़कों को चौड़ा करने के साथ-साथ अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। कई इलाकों में आगे बढ़कर बनाए गए निर्माण को प्रशासन ने ध्वस्त कराया और अस्थायी दूकानदारों को हटाया गया। कोतवाली चौराहे
पर बड़ी संख्या में ठेला खोमचा लगाकर दूकानदारी करने वालों को जिला प्रशासन ने किला रोड पर समायोजित किया। इसके बाद जिलाधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी लगभग हर रोज विभिन्न वार्डों और मोहल्लों का निरीक्षण कर विकास कार्यों
का जायजा ले रहे हैं। बावजूद इसके हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। बृहस्पतिवार को सुबह नखास में डीएम को निरीक्षण करना था। इसकी जानकारी मिलने के बाद मोहल्ले की सड़कों को चूना आदि छिड़ककर सजाया गया और सड़क पूरी तरह से खाली रही।